मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो गई है। 24 जून को प्रदेश में पहुंचा मानसून 3 अक्टूबर तक सक्रिय रहा। पूरे सीजन में 908.4 मिमी यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से करीब 4% कम बारिश दर्ज हुई।
पूर्वी एमपी में ज्यादा, पश्चिम में कम
बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के बीच बड़ा अंतर रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4% ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में 12% कमी रही। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर बेहतर बारिश हुई, लेकिन कई जिलों में सामान्य से कम पानी भी गिरा।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पार हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
30 जिलों में बारिश रही कम
दूसरी ओर प्रदेश के 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, धार, झाबुआ, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, सीहोर, हरदा, बैतूल और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में सामान्य से कम पानी दर्ज किया गया।
तीन दिन धूप, फिर बारिश के आसार
4 से 6 अक्टूबर तक प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान दिन में धूप और गर्मी बढ़ेगी। 7 अक्टूबर से पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। 8 और 9 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के आसार हैं।
दिन में गर्मी, रात में बढ़ेगी ठंडक
मानसून की विदाई के बाद मौसम में बदलाव शुरू होगा। दिन के तापमान में बढ़ोतरी के साथ रात में ठंडक बढ़ने लगेगी। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच सकता है। इस बार जून में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी, जिसकी भरपाई पूरे सीजन में नहीं हो सकी।