BRICS समिट के दूसरे दिन भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए। तीनों नेताओं की यह तस्वीर समिट के दौरान खास चर्चा का विषय बनी। ग्रुप फोटो सेशन के बाद BRICS देशों के नेताओं की ओपन मीटिंग शुरू हो गई, जिसमें संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
अहम मुद्दों पर चर्चा, सात नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें
ओपन मीटिंग में BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, वैश्विक चुनौतियों और आपसी संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा। बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, आर्थिक सहयोग, रणनीतिक संबंधों और वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत के लिए यह समिट अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी भूमिका मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
पहले दिन डिनर में कुछ नेता नहीं हुए शामिल
BRICS समिट के पहले दिन सभी नेताओं के लिए डिनर का आयोजन किया गया था। हालांकि, इसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद शामिल नहीं हुए। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस समिट में हिस्सा लेने के बाद अपने देश लौट गए थे। वहीं, PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे।
BRICS देशों ने मंजूर किया नई दिल्ली डेक्लरेशन
समिट के दौरान BRICS देशों ने शनिवार को नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इस साझा बयान में कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर सदस्य देशों की सहमति सामने आई। डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने और आतंकियों को पनाह देने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की बात कही।
आतंकवाद की फंडिंग रोकने पर बनी सहमति
नई दिल्ली डेक्लरेशन में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने पर भी जोर दिया गया। BRICS देशों ने आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग को रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर सहमति जताई। यह साझा रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
पश्चिम एशिया के तनाव के बीच साझा बयान अहम
BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरान, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के कई क्षेत्रीय मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं। इसके बावजूद साझा डेक्लरेशन को मंजूरी मिलना BRICS के भीतर संवाद और सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समिट के दूसरे दिन होने वाली बैठकों पर अब पूरी दुनिया की नजर है।