डायबिटीज और डाइट मिथक

क्या डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाना सही? छोटी चीजें, लेकिन असर बड़ा

डायबिटीज में अचार, पापड़, और चटनी का सेवन कितना सुरक्षित है? जानिए विशेषज्ञों की राय और सामग्री, मात्रा की जानकारी।

By : सोनिया रायकवार
क्या डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाना सही? छोटी चीजें, लेकिन असर बड़ा

हमेशा डायबिटीज या ब्लड शुगर को नियंत्रित करने की बात आती है तो सबसे पहले चावल, रोटी, ब्रेड, मिठाई और मीठे पेय पदार्थों पर ध्यान दिया जाता है। लेकिन रोजमर्रा के भोजन के साथ थोड़ी-सी मात्रा में खाए जाने वाले अचार, पापड़ और चटनी भी डाइट का हिस्सा हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये चीजें डायबिटीज में पूरी तरह से नुकसानदायक हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एक खाद्य पदार्थ को सिर्फ उसके नाम से अच्छा या खराब कहना सही नहीं है। उसकी सामग्री, मात्रा और खाने के तरीके पर भी ध्यान देना जरूरी है। आइए इसके नारे में जानते हैं विस्तार से।

अचार में अतिरिक्त चीनी और नमक

अचार की अलग-अलग रेसिपी में सामग्री काफी बदल सकती है। कुछ तैयार अचारों में स्वाद बढ़ाने के लिए चीनी या मीठे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं तेल और नमक की मात्रा भी अधिक हो सकती है। डायबिटीज वाले व्यक्ति के लिए ऐसे अचार का नियमित और अधिक सेवन बेहतर विकल्प नहीं माना जाता। घर पर अचार बनाते समय चीनी कम या बिना चीनी वाली रेसिपी और सीमित मात्रा में तेल-नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। अचार को मुख्य भोजन नहीं, बल्कि स्वाद बढ़ाने वाली छोटी मात्रा के रूप में लेना बेहतर है।

पापड़ में कार्बोहाइड्रेट के साथ पकाने का तरीका भी अहम

पापड़ अक्सर दाल या अन्य सामग्री से बनाए जाते हैं, लेकिन उनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा प्रकार के अनुसार अलग हो सकती है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले पापड़ में नमक और अन्य सामग्री भी अधिक हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पापड़ को कैसे पकाया जा रहा है। तला हुआ पापड़ अतिरिक्त तेल और कैलोरी बढ़ा सकता है। इसलिए डायबिटीज में पापड़ खाना हो तो सीमित मात्रा में और बिना तले हुए विकल्प को प्राथमिकता देना बेहतर हो सकता है।

हर चटनी एक जैसी नहीं होती

चटनी को लेकर भी यही नियम लागू होता है। ताजा धनिया, पुदीना, हरी मिर्च, नींबू और मसालों से बनी चटनी आमतौर पर कम मात्रा में भोजन का हिस्सा बन सकती है। लेकिन कुछ चटनियों में गुड़, चीनी, मीठी सॉस या अधिक मात्रा में मीठे फल शामिल हो सकते हैं। ऐसी चटनी ब्लड शुगर पर ज्यादा असर डाल सकती है। इसलिए चटनी चुनते समय उसकी सामग्री देखना जरूरी है।

मात्रा सबसे महत्वपूर्ण

डायबिटीज में किसी चीज को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसकी मात्रा और पूरी मील के संतुलन पर ध्यान देना कई लोगों के लिए अधिक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। अचार, पापड़ और चटनी को भोजन की छोटी संगत मानें, मुख्य हिस्सा नहीं। पैकेज्ड उत्पाद खरीदते समय लेबल पर Added Sugar, Total Carbohydrate और Sodium की जानकारी देखना उपयोगी है।

आखिरकार, डायबिटीज मैनेजमेंट सिर्फ एक खाद्य पदार्थ से तय नहीं होता। पूरे दिन की डाइट, भोजन की मात्रा, शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन महत्वपूर्ण है। इसलिए अचार, पापड़ या चटनी को लेकर डरने के बजाय सामग्री, मात्रा और नियमितता—इन तीन बातों पर ध्यान देना ज्यादा समझदारी भरा विकल्प है।

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