स्वास्थ्य जांच की महत्वता

30 की उम्र के बाद स्वास्थ्य जांच की महत्वता पर जोर

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां अक्सर बिना लक्षण के विकसित होती हैं, इसलिए 30 के बाद नियमित हेल्थ चेकअप जरूरी है।

By : सोनिया रायकवार
30 की उम्र के बाद स्वास्थ्य जांच की महत्वता पर जोर

 

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकते हैं, इसलिए 30 के बाद नियमित हेल्थ चेकअप पर दें ध्यान उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। 30 वर्ष की उम्र के बाद खानपान, शारीरिक गतिविधि, तनाव और नींद जैसी आदतों का असर मेटाबॉलिक और हृदय स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। खास बात यह है कि कुछ बीमारियां शुरुआत में कोई स्पष्ट संकेत नहीं देतीं, लेकिन धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित कर सकती हैं।

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल ऐसी ही स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिन्हें अक्सर ‘साइलेंट’ बीमारियां कहा जाता है। इसलिए इस उम्र के बाद शरीर के जरूरी पैरामीटर पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है।

डायबिटीज का बढ़ सकता है खतरा

टाइप-2 डायबिटीज कई लोगों में लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती है। ब्लड शुगर बढ़ने के बावजूद व्यक्ति अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रख सकता है और उसे समस्या का पता देर से चल सकता है।

30 वर्ष के बाद, खासकर जिन लोगों में जोखिम कारक मौजूद हैं, उनके लिए समय-समय पर ब्लड शुगर और HbA1c जैसी जांचों के बारे में डॉक्टर से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

परिवार में डायबिटीज का इतिहास, अधिक वजन, पेट के आसपास जमा चर्बी, कम शारीरिक गतिविधि और असंतुलित खानपान जैसे कारक जोखिम बढ़ा सकते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर को न करें नजरअंदाज

हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट कंडीशन कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों में शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। सिरदर्द या चक्कर नहीं आ रहे हैं, इसका मतलब यह नहीं कि ब्लड प्रेशर सामान्य ही है।

नियमित ब्लड प्रेशर जांच से ही इसकी स्थिति का पता लगाया जा सकता है। लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल भी हो सकता है बिना लक्षण

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर आमतौर पर कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते। इसका पता लिपिड प्रोफाइल जैसे ब्लड टेस्ट के जरिए लगाया जाता है।

अगर लंबे समय तक कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित न रहे, तो यह हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए अपनी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और अन्य जोखिम कारकों के अनुसार डॉक्टर से कोलेस्ट्रॉल की जांच के बारे में सलाह लेना बेहतर है।

वजन सामान्य है तो भी न हों बेफिक्र

कई लोगों को लगता है कि अगर वजन सामान्य है तो स्वास्थ्य भी ठीक होगा। लेकिन केवल वजन स्वास्थ्य का पूरा पैमाना नहीं है। कम शारीरिक गतिविधि, लंबे समय तक बैठे रहना, असंतुलित खानपान, खराब नींद और तनाव जैसी आदतें भी मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। धूम्रपान और परिवार में डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर का इतिहास भी जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए वजन के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और कमर के घेरे पर भी ध्यान देना जरूरी है।

30 के बाद इन आदतों को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा

हर व्यक्ति की स्वास्थ्य जरूरत अलग होती है, लेकिन कुछ अच्छी आदतें लंबे समय तक सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।

  • नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करें।

  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें।

  • पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।

  • धूम्रपान से दूरी बनाएं।

  • तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करें।

  • लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें।

  • अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार नियमित जांच कराएं।

ध्यान रखें: 30 की उम्र के बाद हर व्यक्ति को एक जैसे टेस्ट या एक जैसी जांच की जरूरत नहीं होती। परिवार का मेडिकल इतिहास, वजन, जीवनशैली और अन्य जोखिम कारकों के आधार पर डॉक्टर से सलाह लेकर हेल्थ चेकअप कराना बेहतर है।

संबंधित सामग्री

नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल के बावजूद क्यों आ सकता है हार्ट अटैक? इन कारणों को न करें नजरअंदाज

नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल के बावजूद क्यों आ सकता है हार्ट अटैक? इन कारणों को न करें नजरअंदाज

हार्ट अटैक के मामले अब केवल बुजुर्गों में ही नहीं बल्कि युवाओं में भी बढ़ रहे हैं। कोलेस्ट्रॉल के सामान्य स्तर के बावजूद अन्य जोखिम कारक इसके लिए जिम्मेदार हैं।

सिर झुकाते ही होने लगता है तेज दर्द? जानिए इसके पीछे की वजह

सिर झुकाते ही होने लगता है तेज दर्द? जानिए इसके पीछे की वजह

झुकने और अचानक सिर की पोजिशन बदलने पर बढ़ते सिरदर्द के पीछे साइनस, डिहाइड्रेशन, और माइग्रेन हो सकते हैं। मेडिकल सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

बढ़ रहा हाई BP का साइलेंट खतरा! शरीर में दिखें ये 6 लक्षण तो तुरंत कराएं जांच

बढ़ रहा हाई BP का साइलेंट खतरा! शरीर में दिखें ये 6 लक्षण तो तुरंत कराएं जांच

हाई ब्लड प्रेशर अक्सर बिना लक्षण के होता है, जिसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। लेख में तेज सिरदर्द, चक्कर, धुंधली नजर जैसे लक्षणों की जानकारी दी गई है।

क्या डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाना सही? छोटी चीजें, लेकिन असर बड़ा

क्या डायबिटीज में अचार, पापड़ और चटनी खाना सही? छोटी चीजें, लेकिन असर बड़ा

डायबिटीज में अचार, पापड़, और चटनी का सेवन कितना सुरक्षित है? जानिए विशेषज्ञों की राय और सामग्री, मात्रा की जानकारी।

सावन व्रत में अगर खूब खाते हैं साबुदाना, पहले जान लें किन लोगों के लिए हो सकता है नुकसानदायक

सावन व्रत में अगर खूब खाते हैं साबुदाना, पहले जान लें किन लोगों के लिए हो सकता है नुकसानदायक

सावन के व्रत में साबुदाना का महत्व, इसके लाभ और स्वास्थ्य जोखिम। डायबिटीज और मोटापा वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर