गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) गोरखपुर के चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि करीब साढ़े नौ साल पहले इंसेफेलाइटिस को लेकर अभिभावक चिंतित रहते थे, लेकिन अब स्थिति काफी बदल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस भी माफिया और मच्छर की तरह समाप्त हो गया है।
85 मेडिकल कॉलेज, 2 एम्स से बदली स्वास्थ्य व्यवस्था
सीएम योगी ने कहा कि पहले गोरखपुर का BRD मेडिकल कॉलेज ही पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र था। उस समय अस्पताल में एक बेड पर चार-चार मरीज भर्ती होने की स्थिति थी। इंसेफेलाइटिस वार्ड में भी कई जरूरी सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने कहा कि आज BRD मेडिकल कॉलेज सुपर स्पेशियलिटी सेंटर के साथ इंसेफेलाइटिस समेत कई बीमारियों के उपचार का प्रमुख केंद्र बन चुका है। गोरखपुर में एम्स की स्थापना के साथ आसपास के कई जिलों में भी मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में 75 जिले हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 85 हो चुकी है और दो एम्स संचालित हैं। MBBS की सीटें 4,600 से बढ़कर 13,500 से अधिक हो गई हैं, जबकि PG सीटों में भी बढ़ोतरी हुई है।
सभी जिला अस्पतालों में शुरू होगी डायलिसिस यूनिट
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में 10-10 बेड की डायलिसिस यूनिट शुरू करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय का उदाहरण देते हुए कहा कि गोरखपुर में अब डायलिसिस, ब्लड सेपरेटर और एफेरेसिस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सीएम ने बताया कि पहले डायलिसिस के लिए मरीजों को लखनऊ या बीएचयू जाना पड़ता था, लेकिन अब गोरखपुर में ही यह सुविधा उपलब्ध है। सरकार जिला अस्पतालों में भी निशुल्क डायलिसिस की व्यवस्था का विस्तार कर रही है।
डॉक्टरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का बदला माहौल
सीएम योगी ने कहा कि एक समय प्रदेश के कई जिलों की पहचान माफिया से जुड़ी होती थी और डॉक्टरों को भी धमकी, रंगदारी और अपहरण जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता था। उनके मुताबिक आज चिकित्सक, व्यापारी और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की पहचान माफिया के बजाय ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ जैसे स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रयासों से बन रही है।
रक्तदान से जरूरतमंदों को मिल सकता है नया जीवन
चैरिटेबल ब्लड सेंटर के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने रक्तदान के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और दवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, लेकिन खून बनाया नहीं जा सकता। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने चिकित्सकों से सोशल मीडिया के जरिए रक्तदान के लिए लोगों को जागरूक करने की अपील की। साथ ही पेशेवर रक्तदाताओं को लेकर सावधानी बरतने की बात कही और संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को देने पर जोर दिया।
IMA के चैरिटेबल ब्लड सेंटर की सराहना
मुख्यमंत्री ने IMA गोरखपुर के सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने निशुल्क OPD के बाद चैरिटेबल ब्लड सेंटर की शुरुआत कर सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया है। IMA गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि IMA के 400 यूनिट क्षमता वाले चैरिटेबल ब्लड सेंटर का उद्देश्य रक्त की कमी के कारण होने वाली मौतों को रोकने में योगदान देना है। सीएम योगी ने स्वास्थ्य सेवाओं को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि IIT कानपुर के सहयोग से मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और SGPGI लखनऊ में भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्लड सेंटर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सुविधाओं व उपकरणों की जानकारी ली। इसी दौरान उनकी नजर एक नन्ही बच्ची पर पड़ी। सीएम ने बच्ची से बातचीत की, उसका हालचाल पूछा और उसे स्नेह व आशीर्वाद दिया।