रायबरेली में कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। दोपहर करीब 1:15 बजे सीएम कथा स्थल पर पहुंचे। कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने उन्हें माला पहनाई और आशीर्वाद दिया। यह कथा उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय की ओर से कराई जा रही है। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर मंत्री मनोज कुमार पांडेय, जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
पावन कथाओं से संस्कृति मजबूत
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब तक भारत में ऐसी पावन कथाएं और धार्मिक आयोजन होते रहेंगे, तब तक कोई भी देश या संस्कृति का बाल भी बांका नहीं कर सकता। उन्होंने मंच से ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘पवनसुत हनुमान की जय’ के जयकारे लगवाए। योगी ने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म में जिसे जीवन में भक्ति मिल जाती है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अवध की भूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह वही पावन क्षेत्र है, जहां भगवान राम की अनन्य भक्ति हनुमानजी को मिली। उन्होंने कहा कि जगह बदलने के साथ खान-पान और रहन-सहन बदल सकता है, लेकिन मन की भक्ति एक ही रहती है। देशभर में स्थापित ज्योतिर्लिंग भारत की राजनीतिक और सांस्कृतिक एकात्मता का अनुभव कराते हैं।
शिव लोकमंगल के देवता
भगवान शिव के स्वरूप की व्याख्या करते हुए योगी ने कहा कि शिव लोकमंगल और कल्याण के देवता हैं। वे नकारात्मकता को दूर कर लोक कल्याण का रास्ता प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति और मजबूती के लिए सकारात्मक और भक्तिमय वातावरण जरूरी है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कथा आयोजन से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने उनसे रायबरेली में कथा कराने की इच्छा जताई थी। मंत्री ने बताया था कि कथा व्यास पंडित प्रदीप मिश्रा से बातचीत हो चुकी है। योगी ने कहा कि उन्होंने बिना किसी ‘न-नुकुर’ के तुरंत कथा कराने की सहमति दे दी थी। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन के लिए श्रद्धालुओं, आयोजन समिति और कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का आभार जताया।
17 सितंबर तक कथा
रायबरेली में शिव पुराण कथा 11 सितंबर से शुरू हुई है, जो 17 सितंबर तक चलेगी। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा सुनने के लिए रायबरेली के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रयागराज, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और अमेठी समेत कई जिलों से लोग कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। कथा स्थल के करीब पांच किलोमीटर के दायरे में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई थी।
काशी में भी पहुंचे थे योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले नवंबर 2025 में वाराणसी में आयोजित प्रदीप मिश्रा की कथा में भी पहुंचे थे। उस दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा के पास ही मुख्यमंत्री के बैठने की व्यवस्था की गई थी। तब योगी ने कहा था कि धार्मिक आयोजन समाज में एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा था कि ऐसी कथाएं सांस्कृतिक एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करती हैं।