मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत आयोजित ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का शुभारंभ किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट की स्मारिका एवं यात्री परिवहन से संबंधित जानकारी पर आधारित बुकलेट का विमोचन किया। साथ ही ‘मध्यप्रदेश सुगम परिवहन सेवा’ के लोगो प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि के चेक प्रदान कर सम्मानित किया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्री मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर आधारित एग्जीबिशन का भी शुभारंभ कर अवलोकन किया।

‘यात्री परिवहन विजन समिट–2026’
भोपाल में आयोजित ‘यात्री परिवहन विजन समिट–2026’ में मध्यप्रदेश में यात्री बस परिवहन को लेकर बड़ा रोडमैप सामने आया। परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि वर्ष 2005 में राज्य सड़क परिवहन निगम की सेवाएं स्थगित होने के बाद करीब 20 साल तक प्रदेश में बस परिवहन मुख्य रूप से निजी ऑपरेटरों के जरिए संचालित हुआ।
बस सेवा को मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में एक बार फिर बस परिवहन सेवा शुरू करने की योजना को मंजूरी दी गई है। मध्यप्रदेश यात्री परिवहन कंपनी (MPYPL) के अंतर्गत अब राज्य में बसों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए राज्य स्तर पर यात्री परिवहन कंपनी का गठन किया गया है, जबकि 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी बनाई गई हैं।
रूट्स का सर्वे पूरा
यात्री परिवहन व्यवस्था को डेटा आधारित बनाने के लिए करीब 55 जिलों के रूट्स का सर्वे किया जा चुका है। इसमें 150 सिटी बस, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट्स शामिल हैं। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में परिवहन सलाहकार समितियां बनाई गई हैं। जनप्रतिनिधि भी निगरानी व्यवस्था का हिस्सा होंगे।
युवाओं को रोजगार
परिवहन कंपनी में 1190 विशेषज्ञ पदों को मंजूरी दी गई है। एमपी ऑनलाइन और TCS के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों के मुताबिक देशभर के युवाओं में इन पदों को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।
सुरक्षा पर फोकस
नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV, ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम, पैनिक बटन, GPS और लाइव लोकेशन जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी। बसों में इलेक्ट्रॉनिक और CNG मॉडल्स को प्राथमिकता देने की योजना है।
टेक्नोलॉजी पर मंथन
समिट में स्टार्टअप्स, AI विशेषज्ञों, बस निर्माताओं और टेक कंपनियों को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कैबिनेट ने यात्री परिवहन को लेकर 8 प्राथमिकताएं तय की हैं। समिट में इन पर विस्तार से चर्चा होगी। सरकार को उम्मीद है कि उद्योग और तकनीकी क्षेत्र के सहयोग से प्रदेश के साथ-साथ देश के बस परिवहन सिस्टम को भी नई दिशा मिलेगी।