देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद बारिश का दौर लौट आया है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर कर दिया है। यूपी के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि बिहार के 14 जिलों के हजारों गांव पानी में घिरे हैं।मध्य प्रदेश में शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। गुरुवार रात भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में बारिश हुई। दमोह में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है, जहां कई कॉलोनियों में पानी भरने के बाद बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। लगातार बारिश के कारण 26 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं और चार लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं।मिर्जापुर में बाढ़ के पानी ने पुल को प्रभावित किया है, जबकि फर्रुखाबाद में हाईवे तक पानी पहुंच गया है। उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के लोगों को आवाजाही के लिए अस्थायी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का पानी पुलिस चौकी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर तक पहुंच गया है। वहीं, मौसम विभाग ने शुक्रवार को यूपी के 48 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ में सुबह बारिश हुई और आसमान में बादल छाए हुए हैं।
बिहार में 2,360 गांव पानी से घिरे
बिहार में भी बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं।बाढ़ के चलते करीब 27,954 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। भागलपुर में गंगा का पानी तिलकामांझी विश्वविद्यालय के कैंपस तक पहुंच गया है। मुंगेर के मनियारचक गांव में भी बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है।नवगछिया के रंगरा प्रखंड में कोसी नदी के दबाव से तटबंध पर भी खतरा बढ़ा है। प्रशासन की नजर संवेदनशील इलाकों पर बनी हुई है।
MP में तीन दिन बाद फिर बदला मौसम
मध्य प्रदेश में मानसून ने तीन दिन के ब्रेक के बाद फिर रफ्तार पकड़ी है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। गुरुवार रात भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में बारिश दर्ज की गई।सबसे ज्यादा चिंता दमोह को लेकर है। यहां कई कॉलोनियों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, 12 सितंबर से इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम का असर मध्य भारत के साथ आसपास के राज्यों में भी दिखाई दे रहा है।
उत्तराखंड से झारखंड तक बारिश का असर
उत्तराखंड में शुक्रवार को सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है।झारखंड में भी बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के कारण शुक्रवार को 8 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात की चेतावनी भी है।इसके उलट हिमाचल प्रदेश में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ा है। 3 से 10 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य से 56% कम बारिश दर्ज की गई।
राजस्थान में 15 सितंबर तक बारिश का दौर
राजस्थान में भी मानसून फिर सक्रिय होने की स्थिति में है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से शुक्रवार को 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश का यह दौर 15 सितंबर तक जारी रह सकता है।फिलहाल बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की गतिविधि पर मौसम विभाग की नजर है। अगले कुछ दिनों में इसका असर मध्य प्रदेश समेत उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में देखने को मिल सकता है।