मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है. प्रदेश के शिक्षकों को अब ई अटेंडेंस न लगाने पर सैलरी नहीं कटेगी। और तकनीकी समस्या की वजह से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने को अनुपस्थिति का आधार नहीं माना जाएगा। हां लेकिन ई-अटेंडेंस लगाना अनिवार्य रहेगा।
ई अटेंडेंस 98 से 99 फीसदी तक पहुंची
मध्य प्रदेश में ई अटेंडेंस 98 से 99 फीसदी तक पहुंच गई है। और ई-अटेंडेंस के दौरान कई जगह नेटवर्क की समस्या, लॉगिन की परेशानी, एप में तकनीकी खामी, लोकेशन संबंधी गड़बड़ी या फिर अन्य तकनीकी वजह से स्कूल में मौजूद रहने के बावजूद ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही थी। और इस कारण कर्मचारियों की सैलरी में कटौती हो रही थी। इसे देखते हुए बड़ा निर्णय लिया गया है।
ई अटेंडेंस के चलते कटने वाली सैलरी को लेकर विरोध कर रहे थे
इसको लेकर DPI आयुक्त ने बैठक में कहा कि ई अटेंडेंस नहीं लगाने पर अब सैलरी नहीं कटेगी। और किसी भी कारण से अगर सैलरी रोक गई है तो उसके बारे में बताया जाएगा। बता दें कि ई अटेंडेंस किसी कारण से नहीं लगी तो संकुल प्राचार्य पर उस पर फैसला लेंगे।जिसके बाद जिला स्तर पर आदेश जारी हुआ। जानकारी के अनुसार शिक्षक संगठन लगातार ई अटेंडेंस के चलते कटने वाली सैलरी को लेकर विरोध कर रहे थे।
