उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि किसी व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से शुद्धिकरण कराया गया था।
हल्द्वानी में शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए तूल देने का आरोप लगाया है।
‘तथ्य और प्रमाण के साथ बात रखे कांग्रेस’
कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि हल्द्वानी में किसी को अपमानित करने के लिए शुद्धिकरण यज्ञ किया गया। इसके बावजूद इस मामले को तूल देना केवल समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 9, 2026
राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे संवेदनशील विषयों को हवा… pic.twitter.com/LhUPKCB7nV
सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई ठोस तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि हल्द्वानी में किसी व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से शुद्धिकरण कराया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को बेवजह तूल देकर समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से अपील की कि संवेदनशील विषयों पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखी जाए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी समाज को जोड़ने की होनी चाहिए, न कि ऐसे मुद्दों को हवा देने की जिससे सामाजिक तनाव बढ़े।
FIR के बाद और तेज हुई सियासत
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया सामने आई है। मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने BNS की धारा 196 और 299 के साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत मामला दर्ज किया है। नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मामले की जांच एसपी क्राइम जगदीश चंद्र को सौंप दी है।
पूरे उत्तराखंड से मिलीं 80 शिकायतें
नैनीताल एसएसपी के मुताबिक पुलिस को इस मामले को लेकर पूरे उत्तराखंड से करीब 80 शिकायतें और याचिकाएं मिली थीं। इनमें नैनीताल जिले से 19 शिकायतें शामिल थीं, जिनमें एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी।
एसएसपी ने बताया कि सभी शिकायतों की कानूनी जांच के बाद अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में मामला दर्ज किया गया। अंजू इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाली पहली व्यक्ति बताई गई हैं।
जांच में सामने आएगी वास्तविक वजह
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शुद्धिकरण यज्ञ के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और पूरे मामले की परिस्थितियां क्या थीं।
वहीं, मुख्यमंत्री धामी के बयान के बाद विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब निगाहें पुलिस जांच और उसके सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।