कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज बालाघाट के बिरसा ब्लॉक स्थित जगला गांव पहुंचकर बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब इलाके में बच्चों की बीमारी और मौत को लेकर प्रशासनिक दावों तथा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी मृत बच्चों के परिवारों से मिलकर उनकी स्थिति जानेंगे और जमीनी हालात की जानकारी लेंगे।
मौत के आंकड़ों को लेकर सवाल
बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की बीमारी से मौत का मामला सामने आने के बाद सरकारी रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन बच्चों की मौत का दावा किया जा रहा है, उनमें से 5 बच्चों के नाम प्रशासन के आधिकारिक डेथ रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। वहीं, 4 बच्चों की बीमारी से मौत होने की सरकारी स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मृतकों की वास्तविक संख्या और मौत की वजह को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
32 बच्चों की मौत का दावा
दरअसल, बालाघाट के बिरसा क्षेत्र में बीमारियों की वजह से 32 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत होने का दावा सामने आया था। इस मामले ने आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों के इलाज को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से कहा गया है कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय किया गया है।
सरकार बोली- स्थिति नियंत्रण में
मध्य प्रदेश सरकार का दावा है कि इलाके में अब स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ाई गई है और बीमार बच्चों के इलाज के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन की ओर से मौतों के कारणों और आधिकारिक आंकड़ों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में राहुल गांधी का बालाघाट दौरा इस पूरे मामले को एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला सकता है।
बीजेपी ने बताया राजनीतिक स्टंट
राहुल गांधी के दौरे को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जिन मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, उन्हें लेकर राहुल गांधी का दौरा राजनीतिक माइलेज लेने की कोशिश है। वहीं कांग्रेस इस दौरे के जरिए प्रभावित बैगा परिवारों से सीधे संवाद कर सरकार के दावों की जमीनी हकीकत सामने लाने की बात कर रही है। अब राहुल गांधी की परिजनों से मुलाकात और उनके बयान पर सभी की नजरें रहेंगी।