उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल उत्तराखंड का गौरव हैं और देश की सुरक्षा के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने डोभाल के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले व्यक्तियों के लिए इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
सीएम बोले- सनातन और सैनिकों को लेकर सवाल उठाना कांग्रेस की सोच
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने यह तय कर रखा है कि सनातन को कमजोर करना है और सैनिकों पर सवाल उठाने हैं। धामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय पहचान से जुड़े मुद्दों पर विवाद खड़ा होता है। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल ने देश और दुनिया में अपनी सेवाओं के माध्यम से उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया है।
महेंद्र भट्ट ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी को बताया आपत्तिजनक
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने भी राहुल गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इंदौर के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर बैठे व्यक्तियों को लेकर की गई टिप्पणियों को आपत्तिजनक और निंदनीय बताया। भट्ट ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में अधिकृत जिम्मेदारी निभाते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा में डोभाल के योगदान का भाजपा ने किया जिक्र
महेंद्र भट्ट ने कहा कि अजीत डोभाल सैन्य, खुफिया और कूटनीतिक मामलों से जुड़े दायित्वों का निर्वहन करते हैं। उनके अनुसार, डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में भूमिका निभाई है और पिछले वर्षों में देश की सुरक्षा व्यवस्था में योगदान दिया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि डोभाल के खिलाफ की गई टिप्पणी उत्तराखंड के लोगों की भावनाओं को आहत करने वाली है।
बयान को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत
अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की कथित टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री धामी और महेंद्र भट्ट ने जहां बयान की आलोचना की है, वहीं इस पूरे मामले ने राष्ट्रीय सुरक्षा, राजनीतिक भाषा और सार्वजनिक मंचों पर नेताओं की टिप्पणियों को लेकर बहस को बढ़ा दिया है। मामले में राहुल गांधी की ओर से संबंधित टिप्पणी पर स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।