उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के अंदर की खींचतान खुलकर सामने आती दिख रही है। कांग्रेस के मजबूत गढ़ चकराता में विकास कार्यों और योजनाओं के बंटवारे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सरकार के मंत्री खजानदास के खिलाफ प्रदर्शन किया। रविवार को देहरादून की यमुना कॉलोनी में मंत्री के आवास के बाहर धरना दिया गया।
प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चकराता क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों को प्राथमिकता नहीं मिल रही है। उनका दावा है कि योजनाओं के काम में कांग्रेस समर्थकों को ज्यादा हिस्सेदारी दी जा रही है।
मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन
रविवार दोपहर करीब 12 बजे भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता मंत्री खजानदास के आवास के बाहर पहुंचे। इस दौरान वरिष्ठ नेता मूरत राम शर्मा, प्रताप राव, गीताराम गौड़ और कमलेश भट्ट समेत कई लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 11 सितंबर को जारी एससीपी और टीएसपी योजनाओं की सूची में पार्टी कार्यकर्ताओं के बताए प्रस्तावों को पर्याप्त जगह नहीं मिली। उन्होंने सूची को रद्द करने और दोबारा काम बांटने की मांग की।
80 फीसदी काम का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चकराता में करीब 80 फीसदी काम कांग्रेस से जुड़े लोगों को दिए गए हैं। वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। हालांकि, ये प्रदर्शनकारियों के आरोप हैं। मंत्री खजानदास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि योजनाओं का बजट पूरे राज्य में संतुलन के साथ दिया गया है।
मंत्री ने दिया बड़ा बयान
आरोपों पर खजानदास ने कहा कि अगर उनके खिलाफ लगाए गए कमीशनखोरी के आरोप साबित होते हैं तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और आत्महत्या कर लेंगे। मंत्री ने कहा कि उनका ध्यान पूरे प्रदेश में संतुलित विकास पर है। उनके मुताबिक एससीपी और जनजाति क्षेत्रों की योजनाओं का बजट किसी भेदभाव के बिना दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन जिलों से प्रस्ताव नहीं आए, वहां बजट देना संभव नहीं था। उनके अनुसार चकराता को सबसे ज्यादा बजट मिला है, जबकि कालसी को भी बजट दिया गया है।
बातचीत से नहीं बनी बात
मंत्री और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से मिलने का फैसला किया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के सामने भी मामला रखने की बात कही गई है। मधु चौहान का कहना है कि जुलाई में भी उन्होंने मंत्री से भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की मांग की थी। अब उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व को इस मामले में ध्यान देना चाहिए।
चकराता पर भाजपा की नजर
चकराता लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत इलाका माना जाता है। यहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह विधायक हैं। ऐसे में भाजपा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसी बीच पार्टी के भीतर से ही योजनाओं और काम के बंटवारे को लेकर विरोध सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया है। अब भाजपा के स्थानीय नेताओं की मुख्यमंत्री से होने वाली मुलाकात पर सबकी नजर है।