प्रयागराज/कौशांबी। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एक इंस्पेक्टर, 5 दरोगा समेत 8 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं फैक्ट्री मालिक नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी है।हादसे में 8 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हुई है। मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं और परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच चुके हैं।
शहर से भागने की फिराक में था फैक्ट्री मालिक
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नौशाद शहर छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे सैयद सरावां इलाके में पुलिस और नौशाद के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से फायरिंग के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके पैर में गोली लगी है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री किस तरह संचालित हो रही थी और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
फैक्ट्री के अवैध संचालन और मामले में कथित लापरवाही को लेकर प्रयागराज रेंज के IG अजय कुमार मिश्रा ने कार्रवाई की है।सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों में पूर्व इंस्पेक्टर शिवचरण राम, थानाध्यक्ष विकास सिंह और दरोगा अजीत कुमार, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल व अमित द्विवेदी शामिल हैं। इनके अलावा दो सिपाहियों जितेंद्र और कृष्ण कुमार पर भी कार्रवाई की गई है।इससे एक दिन पहले SP ने तीन दरोगाओं को लाइन हाजिर किया था।
8 बच्चों समेत 11 शवों का पोस्टमॉर्टम
धमाके में जान गंवाने वाले 11 लोगों में 8 बच्चे शामिल हैं। मंगलवार को सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। हादसे के बाद से मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच चुके हैं।विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। फैक्ट्री से करीब 70 मीटर दूर स्थित तीन मंजिला मकान के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए।
फैक्ट्री में धमाका कैसे हुआ, अभी जांच जारी
विस्फोट की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। हालांकि, स्थानीय एक महिला ने दावा किया था कि बिजली का खंभा गिरने के बाद फैक्ट्री में रखे बारूद में तेज धमाका हुआ।खास बात यह है कि यह फैक्ट्री प्रयागराज के मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर चल रही थी। ऐसे में अवैध फैक्ट्री के संचालन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हादसे से पहले गोदाम पर चला था बुलडोजर
हादसे से पहले रविवार रात करीब साढ़े 7 बजे फैक्ट्री से लगभग 400 मीटर दूर बनाए गए एक गोदाम को बुलडोजर से ढहा दिया गया था। अब जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि गोदाम का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जा रहा था और फैक्ट्री के संचालन से इसका क्या संबंध था।फिलहाल पुलिस आरोपी फैक्ट्री मालिक से पूछताछ कर रही है। साथ ही विस्फोट के कारण, अवैध पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।