मध्य प्रदेश के उज्जैन में दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, सोनू पासी और विजय उर्फ छोटू गोल्डन इंदौर रोड स्थित करोहन गांव में अपनी बहन के घर छिपे हुए थे। दोनों के वहां छिपे होने की सूचना मिलने के बाद नीलगंगा पुलिस और साइबर टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों को हिरासत में लिया।

मुखबिर की सूचना पर बहन के घर पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी 18 जुलाई को हुए दोहरे हत्याकांड के बाद से फरार थे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। शनिवार रात पुलिस को सूचना मिली कि सोनू पासी और विजय उर्फ छोटू गोल्डन करोहन गांव में अपनी बहन के घर छिपे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद नीलगंगा पुलिस और साइबर टीम ने वहां कार्रवाई की और दोनों को पकड़ लिया।

पुलिस वाहन से कूदकर भागने की कोशिश
दोनों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस उन्हें थाने लेकर जा रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस वाहन से कूदकर भागने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।
पुलिस का कहना है कि इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई। फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। घायल आरोपियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।

18 जुलाई को हुई थी दो भाइयों की हत्या
मामला नीलगंगा क्षेत्र में 18 जुलाई की रात हुए दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, पासी और गोरकर परिवारों के बीच होली के दौरान एक महिला को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही थी।
18 जुलाई की रात करीब 11 बजे दरबार फूड रेस्टोरेंट के सामने दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद के दौरान लाठी-डंडे, तलवार और पत्थरों से हमला हुआ। पुलिस के अनुसार, पासी परिवार की ओर से चार राउंड फायरिंग की गई। इसमें लोकेश गोरकर की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनके बड़े भाई जय गोरकर और चचेरे भाई तपन घायल हुए। इलाज के दौरान 19 जुलाई को जय गोरकर की भी मौत हो गई।
मुख्य आरोपी समेत कई आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, मामले के मुख्य आरोपी नरेश पासी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया था। वहीं सोनू पासी और विजय उर्फ छोटू गोल्डन फरार चल रहे थे।
दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका, वारदात में इस्तेमाल हथियारों और फरारी के दौरान उनके ठिकानों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।