भोपाल।बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में मंगलवार को एक बार फिर अदालत में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती आदित्य बांदिल (कोर्ट जी-14) की अदालत में हुई, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आरोपी पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया। फिलहाल अदालत के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच बाकी
सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के पिता और भाई भी अदालत पहुंचे और पूरी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच बाकी है। ऐसे में आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखना आवश्यक है, ताकि जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से पूरी की जा सके।
जांच पूरी होने में अभी कुछ समय लगेगा
सीबीआई ने अदालत को बताया कि मामले में कई गवाहों के बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं। इसके अलावा जांच एजेंसी ने आरोपियों से जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी होने की जानकारी भी दी। एजेंसी के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, इसलिए जांच पूरी होने में अभी कुछ समय लगेगा।
तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने यह भी कहा कि समर्थ सिंह के लैपटॉप तक पहुंच जांच के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन अब तक उसका पासवर्ड उपलब्ध नहीं हो सका है। एजेंसी का कहना है कि लैपटॉप में मौजूद संभावित डिजिटल साक्ष्यों की जांच तभी संभव होगी, जब उसका पासवर्ड प्राप्त होगा। इससे मामले की कड़ियों को जोड़ने और जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सीबीआई ने अदालत को यह भी संकेत दिया कि यदि जांच के दौरान आवश्यकता महसूस हुई तो दोनों आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे मामले में अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि सीबीआई की मांग स्वीकार कर ली जाती है, तो दोनों आरोपी 14 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल में रहेंगे और इस दौरान जांच एजेंसी मामले की आगे की जांच जारी रखेगी।