Punjab Farmers Protest Power Crisis: पंजाब में बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर किसान मजदूर मोर्चा ने मंगलवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। मोर्चा के कार्यकर्ता पावरकॉम (PSPCL) के वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर धरना दे रहे हैं।
संगठन का आरोप है कि- 'धान की फसल के चरम सीजन में भी किसानों को बिजली की बेहद कमी का सामना करना पड़ रहा है।'
कृषि मोटरों को सिर्फ ढाई से 4 घंटे बिजली
मोर्चा के नेताओं ने बताया कि- 'कई इलाकों में कृषि मोटरों को मात्र ढाई से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। इस वजह से सिंचाई का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि कृषि मोटरों के लिए कम से कम 16 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।'
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे बिजली की मांग
किसान मजदूर मोर्चा ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे लगातार बिजली देने की भी मांग की है। साथ ही खराब ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के अंदर बदलने और उनकी ढुलाई का खर्च बिजली विभाग द्वारा वहन करने की मांग रखी गई है।
स्मार्ट मीटर और पुराने मीटरों का विवाद
संगठन ने उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाए जाने का पुरजोर विरोध किया है। मोर्चा की मांग है कि- 'जिन उपभोक्ताओं के पुराने मीटर हटाए गए हैं, उनके बिलों से 10 प्रतिशत जुर्माना हटाया जाए और पुराने मीटर दोबारा लगा दिए जाएं।'
अन्य प्रमुख मांगें
1. बिजली विभाग के निजीकरण और निगमकरण की नीति तुरंत वापस ली जाए।
2. खाली पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए।
3. निजी कंपनियों के साथ किए गए पावर परचेज समझौतों को रद्द किया जाए।
किसानों-मजदूरों से अपील
किसान मजदूर मोर्चा ने प्रदेश के सभी किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हों और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करें।