देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें भावपूर्ण पत्र लिखकर शुभकामनाएं दीं। पत्र में सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन, नेतृत्व और विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
मुख्यमंत्री ने भगवद्गीता के कर्मयोग के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि लोक कल्याण के लिए समर्पित रहना ही वास्तविक तपस्या है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साधारण पृष्ठभूमि से देश के शीर्ष नेतृत्व तक की यात्रा को प्रेरणादायी बताया।
पहली मुलाकात का किया जिक्र
सीएम धामी ने पत्र में प्रधानमंत्री के साथ अपनी पहली मुलाकात का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब संगठन ने उन्हें पहली बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का दायित्व सौंपा था, तब नई दिल्ली स्थित पीएमओ में प्रधानमंत्री से पहली मुलाकात के दौरान उनके मन में उत्साह के साथ संकोच भी था। धामी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बेहद आत्मीयता से उनका स्वागत किया।
योजनाओं और उपलब्धियों का किया उल्लेख
पत्र में मुख्यमंत्री ने कौशल भारत, स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, परीक्षा पे चर्चा, पीएम श्री स्कूल, उज्ज्वला योजना, जनधन खाते और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों के जरिए युवाओं, महिलाओं और किसानों को विभिन्न क्षेत्रों में अवसर और आर्थिक सहयोग मिला है।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने जी-20, ब्रिक्स, क्वाड, चंद्रयान मिशन, रक्षा उत्पादन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान से जोड़ा।
उत्तराखंड में सरकार के कार्यों का जिक्र
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून, मदरसा सुधार और नकल विरोधी कानून समेत सरकार की विभिन्न पहलों का उल्लेख किया।
17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर उत्तराखंड में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। इसके तहत स्वास्थ्य शिविर, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए लिखा कि वे इसी ऊर्जा के साथ देश का मार्गदर्शन करते रहें—‘जीवेम शरदः शतम्’।