मध्य प्रदेश में सोयाबीन की खरीदी इस साल भी भावांतर योजना के तहत की जाएगी। किसानों के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन प्रक्रिया 3 अक्टूबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। पंजीयन के दौरान किसानों के बैंक खाते का सत्यापन भी किया जाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम की ओर से किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में ₹1 की राशि भेजी जाएगी। इस ट्रांजेक्शन के सफल होने के बाद ही भुगतान के लिए संबंधित बैंक खाते का सत्यापन माना जाएगा।
पिछले साल 7.10 लाख किसानों ने कराया था पंजीयन
वर्ष 2025-26 में भावांतर योजना के तहत प्रदेश के 7.10 लाख किसानों ने सोयाबीन बिक्री के लिए पंजीयन कराया था। इस दौरान करीब 16.95 लाख टन सोयाबीन की खरीदी की गई और किसानों को कुल 1476 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इस साल सरकार को 7 से 10 लाख किसानों के पंजीयन की उम्मीद है। वहीं करीब 20 लाख टन सोयाबीन की खरीदी का अनुमान लगाया गया है।
इन केंद्रों पर निशुल्क होगा पंजीयन
किसान ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्र, सहकारी समितियों और विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन, सीएससी कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन कराया जा सकेगा। इन केंद्रों पर पंजीयन के लिए अधिकतम 50 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।
इन किसानों का केवल समितियों में पंजीयन
सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की अलग व्यवस्था की गई है। इन किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। इनके दस्तावेजों और भूमि संबंधी जानकारी का राजस्व विभाग द्वारा 100 प्रतिशत सत्यापन किया जाएगा। इसलिए ऐसे किसानों को पंजीयन के समय संबंधित दस्तावेज सही तरीके से उपलब्ध कराने होंगे।
पंजीयन से पहले बैंक खाते की जांच जरूरी
किसानों को पंजीयन कराने से पहले अपने बैंक खाते को आधार से लिंक कराने की सलाह दी गई है। साथ ही बैंक खाते में मोबाइल नंबर एक्टिव और अपडेट होना जरूरी है। आधार में मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट कराने के लिए जिला, तहसील या डाकघर के आधार केंद्र पर संपर्क किया जा सकता है। पंजीयन के दौरान भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड और IFSC कोड सही दर्ज करना होगा, ताकि भुगतान के समय किसी तरह की परेशानी न हो।