मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्वालियर कृषि के क्षेत्र में पंजाब और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्यों को भी पीछे छोड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को डबरा तहसील प्रांगण में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को वर्चुअली संबोधित करते हुए किसानों को आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक कृषि अपनाने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर का गौरव केवल संगीत सम्राट तानसेन तक सीमित नहीं है। यहां की गजक, किसान और जवान भी इसकी पहचान हैं। शिक्षा, रक्षा, कृषि, फूड प्रोसेसिंग और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में ग्वालियर संभाग प्रदेश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
किसान कल्याण वर्ष में कृषि पर विशेष जोर
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसी क्रम में किसानों की सेवा और समृद्धि के उद्देश्य से प्रदेशभर में ‘बलराम कृषि महोत्सव’ आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह टेलीकॉम इंडस्ट्री का भी बड़ा केंद्र बन सकता है। सरसों, गेहूं, मसूर और चने जैसी फसलों ने ग्वालियर की पहचान देशभर में मजबूत की है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिल सकेंगी।
फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि वे अपने खेत की क्षमता को पहचानें और केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर न रहें। फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती और उन्नत पशुपालन को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने दुग्ध उत्पादन को आर्थिक उन्नति का तेज माध्यम बताया।
डॉ. यादव ने ग्वालियर की लाल टिपारा स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी आदर्श गौशाला की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे प्रेरणा लेकर प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी बेहतर गौशालाएं विकसित की जा रही हैं।
रबी फसलों की सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं और चने जैसी रबी फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को अब दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों के हित में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ‘वृंदावन गांव’ विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने किसानों से जमीन सुरक्षित रखने और विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च से बचने की अपील की। साथ ही बच्चों के विवाह के लिए सामूहिक विवाह सम्मेलनों को अपनाने का आह्वान किया।
प्रगतिशील किसानों और मेधावी बच्चों का सम्मान
डबरा मंडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों और उनके मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए।
महोत्सव में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और उन्नत पशुपालन से जुड़ी प्रदर्शनियां लगाई गईं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी।
ड्रोन और डिजिटल खेती की तकनीक से रूबरू हुए किसान
किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं, मौसम आधारित खेती, स्मार्ट सिंचाई, ड्रोन तकनीक और आधुनिक कृषि प्रबंधन प्रणालियों के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बदलती जलवायु के अनुरूप खेती करने और कृषि जोखिमों को कम करने के उपाय बताए।
इस दौरान बिलौआ के प्राकृतिक खेती करने वाले किसान प्राण सिंह समेत अन्य किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का उत्साह बढ़ाया।