मध्य प्रदेश के अनूपपुर में EVM को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने वेयरहाउस में रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध मशीनों के मिलान में 24 EVM कम मिली हैं। इनमें 8 बैलेट यूनिट (BU) और 16 कंट्रोल यूनिट (CU) शामिल हैं। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
2014 से स्थानीय चुनाव के लिए रखी गई थीं EVM
शिकायत के मुताबिक, अनूपपुर के पुराने तहसील कार्यालय में वर्ष 2014 से स्थानीय चुनावों के लिए बड़ी संख्या में EVM सुरक्षित रखी गई थीं। रिकॉर्ड में 620 कंट्रोल यूनिट और 1,670 बैलेट यूनिट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मशीनों को सीलबंद करके रखने की बात शिकायत में कही गई है।
मार्च में मिली थी वेयरहाउस की टूटी दीवार
शिकायत में बताया गया है कि 16 मार्च 2026 को वेयरहाउस का निरीक्षण किया गया था और उस समय मशीनें व्यवस्थित मिली थीं। इसके बाद पुराने तहसील भवन को तोड़ने का काम शुरू हुआ। इसी दौरान EVM रखने वाले कमरे की पिछली दीवार क्षतिग्रस्त मिली।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस स्थिति के बाद भी उस समय मशीनों की उपलब्धता और रिकॉर्ड का विस्तृत सत्यापन नहीं कराया गया था।
21 सितंबर को नए स्थान पर शिफ्ट हुईं मशीनें
पुराने तहसील भवन से EVM को 21 सितंबर को पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में संचालित तहसील कार्यालय के भूतल स्थित कक्ष नंबर-6 में शिफ्ट किया गया। इसके बाद 24 से 28 सितंबर के बीच मशीनों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसी सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद मशीनों की संख्या में अंतर सामने आया। जांच में 8 बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट समेत कुल 24 मशीनें कम मिलीं।
20 अगस्त को खुले में EVM होने की सूचना का दावा
शिकायत से जुड़ी रिपोर्ट्स के अनुसार, पुराने तहसील भवन को तोड़ने के दौरान ठेकेदार आशीष त्रिपाठी ने 20 अगस्त को कुछ EVM खुले हिस्से में पड़े होने की जानकारी SDM को दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, SDM ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी थी। अब इस बिंदु की भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है कि मशीनों की सुरक्षा के लिए उसके बाद क्या कदम उठाए गए थे।
29 सितंबर के पंचायत उपचुनाव के बाद सामने आया मामला
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मध्य प्रदेश में 29 सितंबर को 103 पंचायत पदों के लिए उपचुनाव हुए थे। इनमें 79 सरपंच, 15 जनपद पंचायत सदस्य, 5 जिला पंचायत सदस्य और 4 पंच पद शामिल थे। हालांकि, सामने आई 24 मशीनें वर्ष 2014 से स्थानीय चुनावों के लिए रखी गई थीं।
पुलिस ने दर्ज किया केस, सीरियल नंबर से होगी जांच
मामले में शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ BNS की धारा 331(4) और 305(A) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब गायब मशीनों के सीरियल नंबर और पुराने रिकॉर्ड का मिलान करेगी।
जांच का मुख्य सवाल यही है कि 24 EVM आखिर कब गायब हुईं, वेयरहाउस से कैसे बाहर गईं और रिकॉर्ड में उनकी कमी पहले क्यों नहीं सामने आई। इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगा।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
अनूपपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्याम कुमार चौहान ने इस घटना को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए और इसे जानबूझकर की गई घटना होने की आशंका जताई। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और उनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गायब EVM के रिकॉर्ड, सीरियल नंबर तथा वेयरहाउस से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।