मध्यप्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब के पहले संगठनात्मक दौरे में पार्टी के भीतर संवाद, अनुशासन और सरकार-संगठन के बीच बेहतर समन्वय का मुद्दा प्रमुख रहा। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भोपाल में हुई बैठकों में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और संगठन से जुड़े नेताओं के साथ अलग-अलग स्तर पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के मुताबिक देब ने आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए दूर करने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही बूथ और मंडल स्तर तक कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने की बात सामने आई।
तीन महीने में मतभेद दूर करने का संदेश
बैठकों में संगठन के भीतर आपसी मतभेद और गुटबाजी को लेकर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार देब ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी भी स्तर पर मतभेद हों तो उन्हें संवाद के जरिए सुलझाया जाए। संगठन में पद मिलना या हटना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इससे कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच संपर्क प्रभावित नहीं होना चाहिए। जिला और संभाग स्तर पर संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने तथा कार्यकर्ताओं से नियमित संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया। पार्टी नेतृत्व की ओर से अनुशासन और संगठनात्मक हित को प्राथमिकता देने की बात भी सामने आई है।
पोस्टर में चेहरों से ज्यादा योजनाओं पर जोर
बैठकों में पार्टी के प्रचार और कार्यक्रमों के तरीके को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। रिपोर्टों के मुताबिक नेताओं की बड़ी तस्वीरों वाले होर्डिंग और बैनर की जगह केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उनके लाभ को प्रमुखता देने की बात कही गई। जेसीबी से फूल बरसाने और बड़े दिखावटी स्वागत से बचने का संदेश भी दिया गया। देब ने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जानकारी लेने पर जोर दिया।
कोर ग्रुप में सरकार-संगठन समन्वय पर चर्चा
देब की मौजूदगी में हुई पहली कोर ग्रुप बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय का मुद्दा भी चर्चा में रहा। बैठक में आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के साथ संगठन की स्थिति की समीक्षा की गई। पार्टी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में हारी 66 सीटों और कम अंतर से जीती सीटों पर बूथ और मंडल स्तर की स्थिति मजबूत करने को लेकर भी चर्चा की। सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को संगठन के जरिए जनता तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
बूथ से सरकार की योजनाओं तक नया फोकस
नई संगठनात्मक टीम के सामने अब बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने और सरकार की योजनाओं की जानकारी जमीन तक पहुंचाने की दिशा में काम करने का फोकस दिखाई दे रहा है। देब के पहले दौरे में बूथ कार्यकर्ताओं के घर भोजन और चाय पर चर्चा जैसे कार्यक्रम भी रखे गए थे। इससे संगठन के निचले स्तर तक सीधे संवाद को प्राथमिकता दिए जाने का संकेत मिला। आने वाले समय में जिला और संभाग स्तर की बैठकों के जरिए संगठन की गतिविधियों, कार्यकर्ता संपर्क और सरकार-संगठन समन्वय को लेकर आगे की रणनीति पर काम किया जाएगा।