भोपाल में डीबी मॉल के सामने बिजली के खंभे से करंट लगने के कारण भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत के मामले में नगर निगम ने कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद निगम ने सहायक यंत्री सुमित सिंह को निलंबित कर दिया है। मामले में लापरवाही और उदासीनता पाए जाने के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
न्याय की जीत-मुख्यमंत्री का आभार!
स्वर्गीय दिव्यऋषि तिवारी (जिला महामंत्री, युवा मोर्चा) को न्याय दिलाने तथा प्रकरण में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उनके परिजनों और युवा मोर्चा ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का हृदय से आभार जताया.
खंभे में करंट आने से हुई थी मौत
बताया गया है कि डीबी मॉल के सामने दिव्यऋषि तिवारी को बिजली के खंभे से करंट लग गया था। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बिजली व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए थे।
कलेक्टर ने बनाई थी चार सदस्यीय समिति
घटना की जांच के लिए जिला कलेक्टर द्वारा चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति ने मौके की परिस्थितियों, बिजली के खंभे और संबंधित विभागीय व्यवस्थाओं की जांच की। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और घटना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की गई।
जांच रिपोर्ट में लापरवाही का उल्लेख
चार सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता सामने आने के बाद नगर निगम ने कार्रवाई की। रिपोर्ट के आधार पर सहायक यंत्री सुमित सिंह को निलंबित किया गया है। निगम की ओर से मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहने की बात सामने आई है।
कार्यपालन यंत्री पर भी कार्रवाई की तैयारी
मामले में कार्यपालन यंत्री विद्युत आशीष श्रीवास्तव पर भी कार्रवाई की तैयारी की गई है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने उन्हें निलंबित करने के लिए ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव को प्रस्ताव भेजा है। चूंकि संबंधित अधिकारी ऊर्जा विभाग से जुड़े हैं, इसलिए उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
रिपोर्ट के आधार पर तय होगी जिम्मेदारी
नगर निगम की कार्रवाई के बाद अब मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। प्रशासन का फोकस यह पता लगाने पर है कि बिजली के खंभे में करंट आने की स्थिति कैसे बनी और समय रहते सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दिव्यऋषि तिवारी की मौत के बाद शहर में बिजली के खंभों और सार्वजनिक स्थानों पर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। घटना ने नगर निगम और संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं और मामले में आगे किन अधिकारियों पर कार्रवाई होती है।