हरियाणा सरकार ने राज्य में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और कंपनियों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया आसान बनाने की दिशा में नई पहल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में आयोजित ‘SING फोरम’ के फायरसाइड चैट में हिस्सा लेते हुए हरियाणा को देश के प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन में से एक बताया।
सीएम सैनी ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में कोई कंपनी हरियाणा में निवेश करती है तो वह अपनी सिंगापुर यात्रा को सफल मानेंगे। सरकार ने सिंगापुर से मिलने वाले निवेश प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी देने के लिए विशेष ‘मर्लियन डेस्क’ गठित किया है।
सिंगापुर के निवेशकों के लिए बनेगा ‘मर्लियन डेस्क’
हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन सेंटर (HEPC) के जरिए निवेश प्रस्तावों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। सिंगापुर के निवेशकों के लिए बनाए गए ‘मर्लियन डेस्क’ का उद्देश्य सिंगल विंडो सिस्टम के तहत प्रस्तावों और फाइलों की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
सरकार के मुताबिक, सिंगापुर दौरे से पहले 20 से 30 प्रमुख कंपनियों की पहचान कर उनके साथ ई-मीटिंग्स की गई थीं। इसके बाद कई कंपनियों ने हरियाणा में निवेश को लेकर अपने इंटेंशन भी सौंपे हैं।
7 दिन में मिलेगा 50% इंसेंटिव
मुख्यमंत्री ने बताया कि जून में लागू की गई 10 नई नीतियों के तहत कंपनियों के लिए इंसेंटिव की प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। पात्र कंपनियों को इंसेंटिव की 50 फीसदी राशि शुरुआती 7 वर्किंग डेज में जारी करने का प्रावधान है।
बाकी इंसेंटिव 45 दिनों के भीतर जारी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे निवेशकों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी और परियोजनाओं को तेजी से शुरू करने में मदद मिलेगी।
गुरुग्राम-नूंह जंगल सफारी के लिए मंडाई रिजर्व का दौरा
गुरुग्राम-नूंह में प्रस्तावित जंगल सफारी परियोजना को वर्ल्ड-क्लास बनाने के लिए मुख्यमंत्री सैनी ने सिंगापुर के प्रसिद्ध मंडाई वाइल्डलाइफ रिजर्व का स्टडी टूर किया।
इस दौरान उन्होंने वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट, कंजर्वेशन और टूरिज्म से जुड़े मॉडल को समझा। सरकार का उद्देश्य इन अनुभवों के आधार पर हरियाणा में बेहतर वाइल्डलाइफ और टूरिज्म इकोसिस्टम तैयार करना है।
डिजिटल ‘इन्वेस्टमेंट इंजन’ से जमीन की जानकारी
निवेशकों के लिए जमीन से जुड़ी जानकारी को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल ‘इन्वेस्टमेंट इंजन’ तैयार किया गया है। इसके जरिए मैप पर किसी लैंड पार्सल को चुनने पर उससे जुड़ी इंडस्ट्रियल डिटेल्स एक ही जगह देखी जा सकेंगी।
इस व्यवस्था से कंपनियों को निवेश के लिए उपयुक्त जमीन तलाशने और उससे जुड़ी जानकारी हासिल करने में आसानी होगी।
ग्लोबल स्कूल ग्रुप के साथ एजुकेशन पार्टनरशिप
हरियाणा सरकार ने सिंगापुर स्थित ‘ग्लोबल स्कूल ग्रुप’ के साथ भी समझौता किया है। इसके तहत राज्य में K-12 यानी केजी से 12वीं तक के स्तर पर वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना है।
सरकार के मुताबिक, इस साझेदारी से प्रदेश में आधुनिक शिक्षा सुविधाओं को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
GCC और ऑटो सेक्टर को बताया बड़ी ताकत
सीएम सैनी ने हरियाणा में निवेश के लिए राज्य की कई खूबियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 270 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCCs और मजबूत ऑटोमोटिव इकोसिस्टम मौजूद है।
उन्होंने कहा कि निवेश के अवसर सिर्फ गुरुग्राम और फरीदाबाद तक सीमित नहीं हैं। राज्य के दूसरे जिलों में भी लैंड बैंक, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और विस्तार की संभावनाएं हैं।
कनेक्टिविटी और मार्केट का फायदा
मुख्यमंत्री के मुताबिक, हरियाणा उत्तर भारत के बड़े कंजम्पशन और मैन्युफैक्चरिंग मार्केट के केंद्र में है। एक्सप्रेस-वे, फ्रेट कॉरिडोर और प्रमुख इकोनॉमिक कॉरिडोर से बेहतर कनेक्टिविटी राज्य की बड़ी ताकत है।
वॉटर मैनेजमेंट पर भी फोकस
सीएम ने कहा कि वाटर-इंटेन्सिव इंडस्ट्रीज के लिए पानी की जरूरत का पहले से आकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही रीसायकल और ट्रीटेड पानी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य निवेशकों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ उद्योगों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।