हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में आयोजित SING यानी सिंगापुर इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ फोरम में हरियाणा के विकास का विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि हरियाणा को सिर्फ औद्योगिक शक्ति के तौर पर नहीं, बल्कि भारत की ‘इनोवेशन कैपिटल’ के रूप में स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है।
कार्यक्रम में सिंगापुर के कई प्रमुख उद्योगपति और निवेशक मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
आज सिंगापुर में 'Singapore Business Federation' द्वारा निवेश बढ़ाने की दृष्टि से आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री @vishnudsai जी एवं सिंगापुर में भारत के राजदूत भी उपस्थित रहे। 🇮🇳🤝🇸🇬 इस अवसर पर सिंगापुर के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ भारत-सिंगापुर व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने, हरियाणा में निवेश बढ़ाने तथा पारस्परिक सहयोग व समन्वय के विभिन्न अवसरों पर सार्थक चर्चा हुई। हरियाणा को वैश्विक निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाने की दिशा में ऐसे संवाद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) October 4, 2026
ईज ऑफ नहीं, स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा में अब केवल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, बल्कि ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उन्हें फाइलों और मंजूरियों के पीछे भागने की जरूरत नहीं होगी। सरकार निवेशकों को जरूरी सहयोग, गति और काम को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
सिंगापुर-हरियाणा साझेदारी के चार प्रमुख क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर और हरियाणा के बीच सहयोग के चार प्रमुख क्षेत्रों का जिक्र किया।
लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर
हरियाणा उत्तर भारत के बड़े उपभोग और मैन्युफैक्चरिंग बाजारों के बीच महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में सिंगापुर की सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञता का इस्तेमाल राज्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए किया जा सकता है।
अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट
गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने की दिशा में सिंगापुर के शहरी विकास मॉडल से सहयोग लेने की बात कही गई।
टेक्नोलॉजी और GCC
गुरुग्राम पहले से ही टेक्नोलॉजी और कॉर्पोरेट कंपनियों का बड़ा केंद्र है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर की कंपनियों को हरियाणा में डिजिटल, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC स्थापित करने का न्योता दिया।
एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग
हरियाणा में ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग के बाद अब सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी आधुनिक तकनीकों से जुड़ी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
2017 के समझौतों का भी जिक्र
मुख्यमंत्री सैनी ने सिंगापुर की कंपनियों के साथ हरियाणा के पुराने सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सिंगापुर की कंपनियों के साथ 3.8 बिलियन सिंगापुर डॉलर यानी करीब 23 हजार करोड़ रुपये के पांच बड़े MoU किए गए थे।
इसी सहयोग के तहत असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है।
शिक्षा क्षेत्र में भी बढ़ रहा सहयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में हरियाणा ने सिंगापुर स्थित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ K-12 शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लेकर समझौता किया है। इसके जरिए प्रदेश में 2 हजार से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के उद्योगपतियों और निवेशकों से हरियाणा में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बेहतर माहौल और जरूरी सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।