हरियाणा को देश की औद्योगिक ताकत से आगे ले जाकर ‘इनोवेशन कैपिटल’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपना विजन सामने रखा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में आयोजित SING (Singapore India Network for Growth) Forum में हरियाणा के विकास की रूपरेखा पेश करते हुए सिंगापुर के उद्योगपतियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
कार्यक्रम में सिंगापुर के प्रमुख उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा अब केवल पारंपरिक औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
‘Ease’ नहीं, Speed of Doing Business पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में सरकार का फोकस केवल Ease of Doing Business तक सीमित नहीं है। अब लक्ष्य ‘Speed of Doing Business’ को बढ़ाना है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि कारोबार शुरू करने के लिए उन्हें सरकारी फाइलों और मंजूरियों के पीछे भागने की जरूरत नहीं होगी।
सैनी ने कहा कि सरकार निवेशकों को गति, सहयोग और निश्चितता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि राज्य में कारोबारी माहौल को इस तरह विकसित किया जा रहा है, जिससे निवेशकों को निर्णय लेने और परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
सिंगापुर-हरियाणा पार्टनरशिप के चार प्रमुख क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर और हरियाणा के बीच सहयोग के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया।
- लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: हरियाणा उत्तर भारत के बड़े उपभोक्ता और विनिर्माण बाजारों के बीच रणनीतिक रूप से स्थित है। ऐसे में सिंगापुर की सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञता का लाभ उठाकर राज्य में इस क्षेत्र को और मजबूत करने की योजना है।
- अर्बन डेवलपमेंट और रियल एस्टेट: सिंगापुर के शहरी विकास मॉडल से सीख लेते हुए गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड टाउनशिप तथा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
- टेक्नोलॉजी और GCC: गुरुग्राम पहले से ही टेक्नोलॉजी कंपनियों का प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर की कंपनियों को हरियाणा में डिजिटल, वित्तीय और प्रोफेशनल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी GCCs स्थापित करने का न्योता दिया।
- एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग: ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर के मजबूत आधार के बाद अब हरियाणा की नजर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य भविष्य के लिए तैयार उद्योगों पर है।
पुराने समझौतों से नई साझेदारी की ओर
मुख्यमंत्री सैनी ने सिंगापुर के साथ हरियाणा के पुराने कारोबारी रिश्तों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सिंगापुर की कंपनियों के साथ 3.8 बिलियन सिंगापुर डॉलर, यानी करीब 23,000 करोड़ रुपये, के पांच बड़े समझौते किए गए थे।
इसी सहयोग के तहत असेंडास-सिंगब्रिज ने गुरुग्राम में इंटरनेशनल टेक पार्क विकसित किया है। यह परियोजना दोनों पक्षों के बीच आर्थिक और कारोबारी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
इसके अलावा, हाल ही में हरियाणा सरकार ने सिंगापुर स्थित ग्लोबल स्कूल्स ग्रुप के साथ K-12 एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर समझौता किया है। इस पहल से प्रदेश में 2,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे में दिया गया संदेश स्पष्ट है; हरियाणा अब निवेश के लिए केवल एक औद्योगिक गंतव्य नहीं, बल्कि इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और भविष्य की इंडस्ट्रीज का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।