GWALIOR: नगर निगम में सालों से भ्रष्टाचार की जांच, लेकिन किसी को सजा नहीं!

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GWALIOR: नगर निगम में सालों से भ्रष्टाचार की जांच, लेकिन किसी को सजा नहीं!

gwalior नगर निगम में सालों से भ्रष्टाचार की जांच लेकिन किसी को सजा नहीं

gwalior municipal corporation corruption investigation: नगर निगम में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले सिर्फ चर्चाओं तक सीमित रह गए हैं- कार्रवाई कहीं नजर नहीं आती। सालों से लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में जांचें लंबित हैं, लेकिन अब तक न किसी अधिकारी को सजा हुई है और न ही किसी की जिम्मेदारी तय की गई है। हालात यह हैं कि जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं, वे आज भी पद पर बने हुए हैं और जांच एजेंसियों को दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।

दस्तावेजों की आड़ में टालमटोल

नगर निगम के कई अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ शिकायतों में स्पष्ट प्रमाण मौजूद हैं, बावजूद इसके संबंधित शाखाओं के अधिकारी जांच एजेंसियों को दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते। कई बार लोकायुक्त और EOW ने निगम से रिकॉर्ड मांगे, नोटिस भेजे और चेतावनी दी, लेकिन अधिकारियों ने समय पर जवाब नहीं दिया। ग्वालियर में जिन मामलों की जांच चल रही है, उनमें नगर निगम की भूमिका अहम है, फिर भी अधिकारी फाइलें और बिल रिकॉर्ड देने में टालमटोल कर रहे हैं।

कई अधिकारियों पर जांच जारी

नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी लोकायुक्त व EOW की जांच के दायरे में हैं। इनमें से कुछ अधिकारी अब सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, लेकिन जांच पूरी नहीं हो पाई। EOW ने विज्ञापन एजेंसियों के साथ मिलीभगत, टेंडर में हेराफेरी और भुगतान में अनियमितताओं के मामलों में कई बार रिपोर्ट मांगी, मगर निगम की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

कोई संज्ञान नहीं, न कोई सजा

नगर निगम में दर्ज अधिकांश मामलों में अब तक किसी अधिकारी को सजा नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट आने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती। इस स्थिति में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।

इनकी चल रही जांच

तत्कालीन आयुक्त द्वारा अपचारी सेवक शशिकांत शुक्ला को नियम विरुद्ध आर्थिक लाभ पहुंचाने का मामला। उपयंत्री प्रदीप वर्मा- भवन निर्माण कार्यों में अनियमितताएं। स्वास्थ्य विभाग के राजेश सक्सेना।टीसी सौरव और चपरासी आकाश।दरोगा अनूप पारदे।वर्षा मिश्रा।जे.पी. पारा। राजेश श्रीवास्तव। Read More:- बचपन की वो बातें जो आज भी दिल को छू जाती हैं, क्या आप भी महसूस करते हैं ये?

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