पूर्वी दिल्ली के गगन विहार में एक महिला की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस का दावा है कि 62 वर्षीय सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट कमल सिंह ने अपनी पत्नी कोमल सिंह की हत्या की साजिश एक क्राइम वेब सीरीज देखने के बाद रची। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने वारदात के बाद सबूत मिटाने और नेपाल भागने की भी योजना बनाई थी, लेकिन घटना के चार दिन बाद उसे मथुरा रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी कमल सिंह
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से करीब 12.75 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जबकि हत्या में इस्तेमाल किए जाने का आरोपित मुख्य हथियार अभी तक बरामद नहीं हो सका है।
वैवाहिक रिश्तों में बढ़ती दूरियां बनीं विवाद की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कमल और कोमल सिंह के बीच पिछले लगभग एक वर्ष से रिश्ते तनावपूर्ण थे। पुलिस के अनुसार, मुंबई यात्रा के दौरान आरोपी की किसी अन्य महिला से नजदीकियां बढ़ने के बाद दोनों के संबंध और खराब हो गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि जगतपुरी इलाके में संपत्ति खरीदने को लेकर पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद चल रहा था। आरोपी चाहता था कि संपत्ति उसके पिता के नाम पर दर्ज हो, जबकि कोमल उसमें अपना अधिकार चाहती थीं। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के बाद आरोपी ने जुलाई में हत्या की कथित योजना बनाई और हरि नगर इलाके से एक तलवार खरीदकर उसे छिपा दिया।
वेब सीरीज से प्रेरित होने का पुलिस का दावा
दिल्ली पुलिस का दावा है कि आरोपी इन दिनों HBO की चर्चित क्राइम वेब सीरीज The Staircase देख रहा था। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस सीरीज में हत्या के हथियार के बरामद न होने की कहानी से प्रभावित होकर आरोपी ने भी कथित रूप से ऐसा ही तरीका अपनाने की कोशिश की, ताकि उसके खिलाफ अहम सबूत न मिल सकें।
मृतका कोमल सिंह
हालांकि, यह पुलिस की जांच का हिस्सा है और इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
घर में अकेले मिलने पर कथित तौर पर की वारदात
पुलिस के अनुसार, 30 जुलाई की दोपहर घर में केवल पति-पत्नी मौजूद थे। बेटा लाइब्रेरी गया हुआ था, बेटी दफ्तर में थी और घरेलू सहायिका भी जा चुकी थी।
आरोप है कि दोपहर करीब 12:45 बजे कमल सिंह ने बालकनी में कपड़े सुखा रही पत्नी पर पीछे से हमला किया। पुलिस का कहना है कि घायल होने के बाद कोमल रसोई की ओर भागीं, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा किया और उन पर लगातार हमला किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर दस से अधिक गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया है। पुलिस के अनुसार पूरी घटना करीब दस मिनट के भीतर हुई।
वारदात के बाद सबूत मिटाने और फरार होने की कोशिश
प्रतीकात्मक तस्वीर
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने खून से सने कपड़े और कथित हथियार को एक बैग में रखा। तलवार का हिस्सा दिखाई न दे, इसके लिए उसे तकिए के कवर से ढंक दिया। इसके बाद वह स्नान कर स्कूटर से घर से निकल गया और रास्ते में बैग को सुनसान इलाके में फेंक दिया।
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने दो अलग-अलग बैंकों से करीब सात लाख रुपये निकाले, जबकि लगभग पांच लाख रुपये पहले ही घर से ले चुका था। उसके पास कुल 12.75 लाख रुपये नकद थे, जिनके साथ वह नेपाल भागने की तैयारी में था।
बेटे ने घर पहुंचकर देखा खौफनाक दृश्य
शाम करीब 9:15 बजे मेडिकल पीजी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे दंपति के 26 वर्षीय बेटे गौरव सिंह घर लौटे। कई बार फोन करने के बावजूद मां का जवाब न मिलने पर उन्होंने दूसरी चाबी से दरवाजा खोला। अंदर लिविंग रूम में मां खून से लथपथ पड़ी थीं। घटनास्थल से कैंची बरामद हुई, लेकिन पुलिस के अनुसार कथित हत्या का मुख्य हथियार वहां नहीं मिला। वहीं, आरोपी भी घर से फरार था।

दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने जांच को गुमराह करने के लिए अपना मोबाइल गोरखपुर की दिशा में सक्रिय किया, ताकि लगे कि वह नेपाल भाग गया है। बाद में उसने फोन बंद कर दिया और मथुरा की ओर चला गया।