उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल दून अस्पताल में मरीज के साथ आई महिलाओं ने एक सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की। गार्ड को लात मारी और वॉकी-टॉकी उठाकर उसके सिर पर दे मारा। इस दौरान बचाव करने आई महिला सुरक्षा गार्ड के सिर पर भी पानी की बोतल से हमला किया, जिससे वह घायल हो गईं।
परिजनों और स्टाफ के बीच मारपीट
वार्ड आया के पेट में भी लात मारने का आरोप है। घटना रविवार की है। अस्पताल की गायनी इमरजेंसी में 16 साल के मरीज सुभानिया के इलाज के दौरान वार्ड के अंदर जाने को लेकर परिजनों और अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ व सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई।

4 लोग घायल
घटना में एक महिला सुरक्षा कर्मी, एक वार्ड आया और 2 सुरक्षा गार्ड घायल हुए हैं। वहीं मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही, जरूरत से ज्यादा खून के सैंपल लेने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। बताया गया कि अस्पताल के नियम के मुताबिक इमरजेंसी में मरीज के साथ सिर्फ एक अटेंडेंट को अंदर जाने की अनुमति है। लेकिन मरीज के साथ आए कई लोग एक साथ अंदर घुसने लगे। जब नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोका, तो तीखी कहासुनी शुरू हो गई।
इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप
मरीज की मां ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने, बिना जानकारी दिए प्रेगनेंसी टेस्ट कराने, जरूरत से ज्यादा खून के सैंपल लेने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए। दून अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पेट दर्द में UPT कराना सामान्य मेडिकल प्रक्रिया है। उन्होंने साफ किया कि स्वास्थ्यकर्मियों या सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।