छत्तीसगढ़ में क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में विकास को नई गति देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश का लक्ष्य केवल खनिज निकालना नहीं, बल्कि अन्वेषण, उत्खनन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और रिसाइक्लिंग तक पूरी मिनरल वैल्यू चेन विकसित करना है।
निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
नवा रायपुर में आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त के रोड शो में सीएम साय ने कहा कि इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और नए उद्योग स्थापित होंगे। साथ ही युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
देश की आत्मनिर्भरता में अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स आर्थिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। रक्षा उद्योग, एआई, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में इनकी जरूरत लगातार बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ में खनिजों की बड़ी संभावनाएं
सीएम साय के मुताबिक कटघोरा और बस्तर में लिथियम व दुर्लभ मृदा तत्व, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम और गैलियम, बालोद में फास्फोराइट तथा महासमुंद में निकेल, क्रोमियम और ग्लाकोनाइट की संभावनाएं मौजूद हैं।
नए पोर्टल और एमओयू
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल का शुभारंभ किया। वहीं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम ने इंडियन ओवरसीज बैंक और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी किए।