नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के 11 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें रक्सौल के एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं। मोतिहारी के तीन और बेतिया के तीन मजदूरों से भी संपर्क टूट गया है। वहीं, रसुवा में फंसे बेतिया के चार मजदूरों को नेपाली सेना ने हेलिकॉप्टर से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
4 मजदूर सुरक्षित लौटे
रसुवा से रेस्क्यू किए गए चार मजदूर शुक्रवार देर शाम अपने घर पहुंचे। इनमें नेयाज मियां, सलमान आलम, जबारूल आलम और मेहदी हसन शामिल हैं। ये नेपाल में मजदूरी, कारपेंटरी और टाइल्स का काम करते थे।
‘पानी देखकर डर गए’
सलमान आलम ने बताया कि 26 अगस्त की सुबह अचानक तेज सैलाब आया। कुछ ही देर में चारों तरफ पानी भर गया। हालात देखकर सभी मजदूर ऊंची जगह की ओर भागे। उन्होंने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ समय के लिए लगा कि बचना मुश्किल है। इसके बाद नेपाली सेना के हेलिकॉप्टर ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
रक्सौल के 5 लोग लापता
रक्सौल के लाला छपरा निवासी बुधन शाह के परिवार के पांच सदस्य नेपाल में लापता हैं। उनकी पत्नी मानती देवी, बेटियां आशा, रूपा और संध्या तथा दो साल की नातिन आयुषी का अब तक पता नहीं चल पाया है। बुधन शाह अपने दोनों बेटों के साथ बाहर गए थे, इसलिए तीनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं। परिवार लगातार लापता सदस्यों की तलाश में जुटा है। केसरिया क्षेत्र के रामबाबू साह, प्रमोद प्रसाद और मुनील कुमार भी नेपाल में लापता हैं। तीनों रसुवा में त्रिशूली नदी के पास हाइड्रोपावर प्लांट में काम करते थे।
प्रशासन जुटा तलाश में
पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने बताया कि लापता मजदूरों की जानकारी जुटाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर उनकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश हो रही है। परिजन लगातार प्रशासन से संपर्क में हैं और सभी को लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद है।