नीलबड़ अवैध खनन मामले में बड़ा एक्शन, कलेक्टर ने बदली जांच टीम; दागी अधिकारियों पर भी शिकंजा

अवैध उत्खनन पर नई जांच का आदेश

नीलबड़ अवैध खनन मामले में बड़ा एक्शन, कलेक्टर ने बदली जांच टीम; दागी अधिकारियों पर भी शिकंजा

भोपाल जिले में अवैध उत्खनन मामले पर बवाल के बाद कलेक्टर ने पुरानी जांच खारिज कर नई जांच टीम का गठन किया। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो ने मामले को गंभीर बनाया।

नीलबड़ अवैध खनन मामले में बड़ा एक्शन कलेक्टर ने बदली जांच टीम दागी अधिकारियों पर भी शिकंजा

नीलबड़ अवैध खनन मामले में बड़ा एक्शन, कलेक्टर ने बदली जांच टीम; दागी अधिकारियों पर भी शिकंजा | None

भोपाल जिले के परवलिया सड़क थाना क्षेत्र स्थित नीलबड़ में कथित अवैध उत्खनन मामले ने अब बड़ा प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। मामले में लगातार उठ रहे सवालों और अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोपों के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए पुरानी जांच को खारिज कर दिया है। साथ ही स्वतंत्र नई जांच टीम गठित कर पूरे मामले की दोबारा जांच के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर मुरारी शर्मा द्वारा शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की फाइल तलब कर ली गई।

अवैध खनन

“जिस पर आरोप, उसी को जांच” पर उठे सवाल

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि जिन अधिकारियों पर अवैध खनन में मिलीभगत और संरक्षण देने के आरोप लगे, उन्हीं को जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। आरोपों के केंद्र में खनिज विभाग की इंस्पेक्टर पूजा वानखेड़े का नाम भी सामने आया, जिन पर कथित तौर पर मामले में नरमी बरतने के आरोप लगे।

बताया जा रहा है कि पूर्व जांच के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष और ग्रामीणों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि केवल एक पक्ष की बात सुनकर जांच रिपोर्ट तैयार कर दी गई थी।

सरकारी जमीन पर अवैध उत्खनन की जांच तेज

प्रशासन अब वर्ष 2000 में आवंटित उस जमीन की मूल फाइल भी खंगाल रहा है, जो कथित तौर पर नारायण सिंह चौकीदार के भाई के नाम आवंटित हुई थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि यह जमीन अस्थानांतरणीय श्रेणी की बताई जा रही है।

कलेक्टर ने जांच शुरू कर दी है कि आखिर सरकारी पट्टे की इस जमीन को निजी बताकर उत्खनन की अनुमति कैसे दी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

फर्जी रॉयल्टी का भी खुलासा

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नीलबड़ में निकाली जा रही मिट्टी की रॉयल्टी रसूलिया पठार, नर्मदापुरम के नाम पर दिखाई जा रही थी। प्रशासन इसे संभावित वित्तीय गड़बड़ी मानते हुए जांच कर रहा है।

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और एसडीएम विनोद सोनकिया ने साफ किया है कि यदि जांच में पट्टे की शर्तों का उल्लंघन, फर्जीवाड़ा या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

ग्रामीण सड़क को नुकसान पहुंचाने का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि समतलीकरण के नाम पर भारी मशीनों और डंपरों का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क को नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि रात के अंधेरे में लंबे समय तक अवैध खनन चलता रहा, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।

संबंधित सामग्री

भोपाल के रिटायर्ड दंपती के हत्या की इनसाइड स्टोरी,3 लाख के बदले दिया सवा करोड़ के घर का दानपत्र

राज्य

भोपाल के रिटायर्ड दंपती के हत्या की इनसाइड स्टोरी,3 लाख के बदले दिया सवा करोड़ के घर का दानपत्र

भोपाल में एक रिटायर्ड दंपती की हत्या संपत्ति विवाद से जुड़ी हुई थी। मकान के बदले करोड़ों की डील और दानपत्र की साजिश का खुलासा हुआ।

शुरू हुआ बलराम कृषि महोत्सव, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसान कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

राज्य

शुरू हुआ बलराम कृषि महोत्सव, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसान कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव का उद्घाटन किया, किसान हितैषी योजनाओं का भी अनावरण किया।

ऐशबाग डबल मर्डर केस का खुलासा: प्रॉपर्टी विवाद में सुपारी देकर कराई गई थी दंपति की हत्या, महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

जुर्म गाथा

ऐशबाग डबल मर्डर केस का खुलासा: प्रॉपर्टी विवाद में सुपारी देकर कराई गई थी दंपति की हत्या, महिला समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

भोपाल के ऐशबाग में बुजुर्ग दंपति की हत्या में प्रॉपर्टी विवाद को मुख्य कारण बताया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

अगली कैबिनेट बैठक 18 को जगदीशपुर में, सीएम डॉ. मोहन ने बताया क्या होगा एजेंडा

राज्य

अगली कैबिनेट बैठक 18 को जगदीशपुर में, सीएम डॉ. मोहन ने बताया क्या होगा एजेंडा

मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक भोपाल में होगी, मुख्य चर्चा यूसीसी विधेयक पर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला।

सीएम डॉ. यादव ने लॉन्च किया 'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म,' जानें क्या होगा फायदा?

राज्य

सीएम डॉ. यादव ने लॉन्च किया 'दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म,' जानें क्या होगा फायदा?

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जिससे पंचायत स्तर पर ऑडिट प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।