भोपाल में करीब 130 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए जीजी फ्लाईओवर की हालत ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुए इस फ्लाईओवर की सड़क कई जगह से उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं। पहली-दूसरी बारिश के बाद सामने आई इस स्थिति ने जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक बना ब्रिज
करीब 3 किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर के बीच बनाया गया है। यह भोपाल के पुराने और नए शहर को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों में शामिल है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इस फ्लाईओवर से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी और खतरा बन रहे हैं।
महज 18 महीने में सड़क उधड़ी
फ्लाईओवर का लोकार्पण करीब 18 महीने पहले किया गया था। निर्माण के समय इसे बेहतर कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया था। लेकिन अब सड़क की कई जगहों पर परत उखड़ने और गड्ढे बनने की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बारिश के बाद बढ़ी परेशानी
बारिश के बाद फ्लाईओवर पर गड्ढों की समस्या और गंभीर हो गई है। सड़क की सतह खराब होने से तेज रफ्तार वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। खासकर रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देने पर दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा जोखिम उठाना पड़ सकता है।
जीजी फ्लाईओवर का बदला गया नाम
निर्माण के दौरान इस फ्लाईओवर को ‘जीजी फ्लाईओवर’ के नाम से जाना जाता था। बाद में इसका नाम बदलकर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर फ्लाईओवर कर दिया गया। नाम बदलने के बावजूद अब इसकी मौजूदा हालत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल
130 करोड़ रुपए की लागत से बनी परियोजना में इतनी जल्दी सड़क खराब होने पर निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद अगर डेढ़ साल में ही सड़क उखड़ने लगे तो निर्माण की गुणवत्ता की जांच जरूरी है।
हादसे का खतरा बढ़ा
फ्लाईओवर से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने या रास्ता बदलने की जरूरत पड़ सकती है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ सकता है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की गुणवत्ता की जांच करे और जल्द से जल्द गड्ढों की मरम्मत कराए।