मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 2 दिवसीय दौरे में नागौर के ग्रामीणों को सीधे संवाद का मौका मिला। गोटन और तिलानेश में रात उन्होंने करीब 5 घंटे तक चौपाल लगाई और रात 11 बजे तक किसानों, युवाओं और महिलाओं की समस्याएं सुनीं। चर्चा का फोकस उन्नत खेती और सरकारी योजनाओं पर रहा। शनिवार सुबह 6:15 बजे सीएम शर्मा फिर तिलानेश की गलियों में पैदल निकले। खेतों में काम कर रही महिलाओं से मिले, उनके साथ कृषि उपकरण चलाए और सिंचाई व फसल उत्पादन के बारे में बात की। बुजुर्गों से स्वास्थ्य और जीवन को लेकर फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और कृषि विकास के मुद्दों पर अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के आदेश दिए। ग्रामीणों ने दौरे को सरकार-जनता के बीच सीधे संवाद का बड़ा माध्यम बताया।
महिलाओं से जानी खेती-बाड़ी
मुख्यमंत्री भजनलाल खेतों में काम कर रही महिला किसानों के बीच पहुंचेष उन्होंने महिलाओं से खेती-बाड़ी की स्थिति, सिंचाई व्यवस्था और फसल उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खेत में उपयोग होने वाले कृषि उपकरण हाथ में लेकर महिलाओं के साथ कुछ वक्त तक कृषि कार्य भी किया। महिलाओं ने खेती में आने वाली परेशानियों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपने अनुभव साझा किए।

इन मुद्दों पर की बात
भ्रमण के दौरान पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क निर्माण और कृषि विकास जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और आमजन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। मुख्यमंत्री भजनलाल के इस दौरे से गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे और विकास कार्यों को गति मिलेगी। यह दौरा राज्य सरकार और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ।