today bastar news: बस्तर में गरीबों का राशन सड़ा, चिंतलनार में 35 लाख का चावल यूं ही सड़ गया

bastar-pds-scam-rice-rotting-chintalnar-geedam

today bastar news: बस्तर में गरीबों का राशन सड़ा, चिंतलनार में 35 लाख का चावल यूं ही सड़ गया

today bastar news बस्तर में गरीबों का राशन सड़ा चिंतलनार में 35 लाख का चावल यूं ही सड़ गया

today bastar news: बस्तर संभाग में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का हाल देखकर यह सवाल उठना लाज़मी है—क्या गरीबों का राशन सच में सरकार की प्राथमिकता है? कहीं गोदामों में चावल सड़ रहा है, तो कहीं दुकानों से घटिया अनाज बांटा जा रहा है। और इस पूरे खेल में जिम्मेदारी तय करने वाला कोई नजर नहीं आता।

today bastar news: चिंतलनार में 35 लाख का राशन सड़ गया

सुकमा जिले के चिंतलनार स्थित गोदाम में दो पंचायतों के सैकड़ों परिवारों के हिस्से का राशन रखे-रखे खराब हो गया। यह राशन कोई मामूली मात्रा नहीं थी करीब 35 लाख रुपये से अधिक का चावल, शक्कर, गुड़ और चना। हैरानी की बात यह है कि दो साल बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन यह तय नहीं कर पाया कि इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है। इस दौरान जिले में दो कलेक्टर बदले, लेकिन फाइलें वहीं की वहीं रहीं।

today bastar news: लैब रिपोर्ट ने खोली पोल

सड़े हुए चावल की गुणवत्ता जांच रायपुर की लैब में कराई गई थी। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि यह चावल मानव उपयोग के लायक नहीं है। इसके बाद विभाग ने चावल को नीलाम करने की कोशिश की, लेकिन दो बार टेंडर निकालने के बावजूद कोई खरीदार नहीं मिला। अब हालत यह है कि चावल को नष्ट करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

गीदम में 18 करोड़ का चावल खराब

सिर्फ सुकमा ही नहीं, दंतेवाड़ा जिले के गीदम वेयरहाउस में भी करीब 18 करोड़ रुपये का चावल रखरखाव के अभाव में खराब हो चुका है। इतने बड़े नुकसान के बाद भी न तो किसी अधिकारी पर गाज गिरी और न ही किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई.सरकार मंचों से कार्रवाई के दावे जरूर करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत उन दावों की पोल खोल रही है। Also Read-Chief Minister Vishnu Dev Sai held a high level review meeting: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की

दुकानों में बंट रहा घटिया चावल

उधर बस्तर जिले की कई राशन दुकानों में घटिया और फफूंद लगा चावल बांटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। बकावंड ब्लॉक की कुछ दुकानों में चावल की हालत इतनी खराब थी कि कार्डधारकों ने खुलेआम आपत्ति जताई।
9 लाख का चावल पहले नष्ट, अब 35 लाख की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, चिंतलनार में पहले ही करीब 9 लाख रुपये का चावल नष्ट किया जा चुका है। अब 35 लाख रुपये के और चावल को नष्ट करने की तैयारी है। यह चावल पूरी तरह सड़ चुका है और किसी भी उपयोग के लायक नहीं बचा.
विपक्ष  ने बनाया मुद्दा
बस्तर अंचल में पीडीएस की बदहाल स्थिति ने विपक्ष को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा दे दिया है। सवाल सिर्फ सड़े चावल का नहीं है, सवाल उस सिस्टम का है, जिसमें गरीब का निवाला सबसे आसान शिकार बन जाता है।  

संबंधित सामग्री

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

राज्य

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

मध्यप्रदेश में स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन जल्द होने वाला है, जिससे 1500 गांवों की लगभग ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

देश-विदेश

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

कोटा में ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए महिलाओं की गोपनीयता में दखल देने का मामला सामने आया है, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

राज्य

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया।

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

राज्य

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 2014 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी FIR को निरस्त कर उन्हें बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है।

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

देश-विदेश

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के वितरण पर लगाई गई रोक हटा दी है, जिससे वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिलेगी।