योग गुरु बाबा रामदेव के सरकारी नौकरियों में कथित घोटाले को लेकर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनका समर्थन किया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि अगर बाबा रामदेव को लगता है कि सरकारी भर्तियों में कोई घोटाला या अनियमितता हुई है, तो उन्हें बिना देर किए आंदोलन शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव ने यह टिप्पणी जरूर किसी वजह के आधार पर की होगी।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी सरकार का बचाव करते हुए दावा किया कि उनके करीब साढ़े तीन साल के कार्यकाल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई की है और ऐसे लोग जेल की सलाखों के पीछे हैं।
‘हिमाचल में पेपर लीक करने वाले सलाखों के पीछे’
सीएम सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक करने और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान पेपर लीक का कोई मामला नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने या परीक्षा में अनियमितता करने की कोशिश की है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
BJP की पिछली सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की पिछली सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि हिमाचल प्रदेश में जब भी बीजेपी की सरकार होती है, तभी पेपर लीक के मामले सामने क्यों आते हैं।
उन्होंने पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान परीक्षा का पेपर लीक हुआ और उसे बेचा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
‘ऊपर से निर्देश के बिना पेपर लीक नहीं होते’
सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि पेपर लीक तभी होते हैं, जब ऊपर से इसके लिए दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने पिछली बीजेपी सरकार के कार्यकाल में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर बाबा रामदेव के पास सरकारी नौकरियों में कथित घोटाले या अनियमितताओं को लेकर कोई ठोस जानकारी है और वह इसके खिलाफ आंदोलन करना चाहते हैं, तो उन्हें आंदोलन शुरू करने में देर नहीं करनी चाहिए।
बाबा रामदेव के बयान के बहाने मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के साथ-साथ पिछली बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। अब इस मुद्दे पर बाबा रामदेव की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।