शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत के बाद हिमाचल प्रदेश की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस जीत को लोकतंत्र और जनादेश की जीत करार देते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अध्यक्ष पद पर निर्वाचित भोपेंद्र सिंह सिसोदिया और उपाध्यक्ष पद पर चुने गए भरत सिंह कलांटा को बधाई दी।
शिमला से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में न तो सत्ता का दुरुपयोग काम आया और न ही कोई साजिश सफल हुई। उनके मुताबिक, इस चुनाव ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र की जीत हुई और तानाशाही की हार।
मुख्यमंत्री को पंचायत चुनावों से सबक लेने की नसीहत
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पंचायत चुनावों में लगातार मिल रही हार से सबक लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को संविधान, लोकतंत्र और जनता के जनादेश का सम्मान करना सीखना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े मामलों में बार-बार न्यायालय का रुख किया और उसे अदालत में भी फजीहत का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि शिमला जिला परिषद का चुनाव भी उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित तारीख पर हुआ है।
जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि यदि चुनाव मुख्यमंत्री के हाथ में होता तो पता नहीं यह चुनाव कब कराया जाता। उन्होंने सरकार से मनमाने नियम बनाने और कानूनी लड़ाई में ऊर्जा लगाने के बजाय प्रदेश के हित में काम करने की अपील की।
‘सत्ता का सेमीफाइनल बुरी तरह हार चुकी कांग्रेस’
भाजपा नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू सत्ता का ‘सेमीफाइनल’ बुरी तरह हार चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों का जनादेश केवल कांग्रेस के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह जनता की ओर से कांग्रेस को पूरी तरह नकारे जाने का संकेत है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हाथ में संविधान की किताब लेकर खुद को लोकतांत्रिक बताना पर्याप्त नहीं है। लोकतंत्र के प्रति सम्मान सरकार के व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश के 11 जिलों में हुए जिला परिषद चुनावों में 10 जिलों में भाजपा को बड़ी जीत मिली है। उनके अनुसार, कई जगहों पर कांग्रेस को नामांकन दाखिल करने के लिए प्रत्याशी तक नहीं मिले।
13-12 के आंकड़े के बावजूद BJP ने मारी बाजी
जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद के चुनावी समीकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले 25 सदस्यों वाली परिषद में भाजपा समर्थित 13 और कांग्रेस समर्थित 12 सदस्य थे। इसके बावजूद उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 14 वोट मिले।
उन्होंने इसे कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति का संकेत बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपने ही सदस्यों को संभालने में नाकाम रही।
चंडीगढ़ में बनी रणनीति का किया जिक्र
जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव से पहले चंडीगढ़ में रणनीति तैयार की गई थी। बैठक में भाजपा समर्थित जिला परिषद सदस्यों के साथ शिमला जिले के पार्टी नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भाजपा समर्थित सदस्यों पर दबाव बनाने, उन्हें डराने और अलग-अलग मामलों में फंसाने की कोशिश की गई। हालांकि, उनके मुताबिक सरकार और उसका तंत्र सदस्यों को डिगाने में सफल नहीं हुआ।
जयराम ठाकुर ने भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने वाले सभी जिला परिषद सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि यह परिणाम लोकतंत्र और जनादेश में विश्वास रखने वालों की जीत है।