Ambikapur: NH-43 हादसा: गड्ढे में टायर फटने से कार खड़े ट्रक से टकराई, ठेकेदार अतुल सिंह की मौत

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Ambikapur: NH-43 हादसा: गड्ढे में टायर फटने से कार खड़े ट्रक से टकराई, ठेकेदार अतुल सिंह की मौत

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ठेकेदार अतुल सिंह (26 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके दो दोस्त बाल-बाल बच गए।

गड्ढे में घुसा टायर और फिर हुआ हादसा

मिली जानकारी के मुताबिक, अतुल सिंह अपने दोस्तों के साथ एक जन्मदिन पार्टी में शामिल होने अंबिकापुर से अजब नगर की ओर जा रहे थे। जैसे ही कार गांधीनगर थाना क्षेत्र के एक गैरेज के सामने पहुंची, सड़क पर बने पानी से भरे गड्ढे में अचानक कार का टायर घुस गया और फट गया। टायर फटते ही गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े ब्रेकडाउन ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हालांकि कार के एयरबैग खुले, लेकिन ड्राइवर साइड का एयरबैग फट गया। इसी दौरान अतुल सिंह का सिर ट्रक के पीछे लगे लोहे के एंगल से टकराया, जिससे उनका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

दोस्तों की जान बची, लेकिन ठेकेदार की मौत

हादसे में कार चला रहे अतुल सिंह गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि उनके दो साथी मामूली चोटों के साथ सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों की मदद से अतुल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।अतुल सिंह पेशे से ठेकेदार थे और अपने चाचा कांग्रेस नेता राम विनय सिंह के साथ मिलकर ठेकेदारी का काम करते थे। उन्होंने कृषि विषय में एमएससी की डिग्री ली थी। अतुल की पत्नी इन दिनों अपने दो साल के बच्चे के इलाज के लिए पटना मायके गई हुई थी। हादसे की खबर मिलते ही वह अंबिकापुर के लिए रवाना हो गई। परिवार में मातम पसरा हुआ है।

हाईवे पर हादसों का सिलसिला

NH-43 लंबे समय से गड्ढों और लापरवाही का शिकार बना हुआ है। जिस गड्ढे में अतुल की कार का टायर फंसा था, वह पानी से लबालब भरा हुआ था, जिसके कारण ड्राइवर उसे देख नहीं सका। खास बात यह है कि हादसे से महज आधे घंटे पहले उसी ट्रक से एक बाइक और एक ऑटो भी टकरा चुके थे।गांधीनगर थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। सड़क पर खड़े ट्रक और हाईवे की खराब स्थिति हादसे का बड़ा कारण हैं। संबंधितों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

गड्ढों से जानलेवा खतरा

यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि नेशनल हाईवे की बदहाल स्थिति यात्रियों की जान पर भारी पड़ रही है। बरसात के बाद सड़क पर गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें पानी भर जाने से हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोग प्रशासन और एनएचएआई से लगातार मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

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