हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के जरिए अर्जित संपत्तियों को जब्त किया जाएगा और उन्हें गरीबों के कल्याण के लिए उपयोग में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास उनकी वैध आय से अधिक संपत्ति पाई जाएगी, उन्हें अपनी संपत्तियों का पूरा ब्यौरा देना होगा।
शिमला जिले के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में करीब 48 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हिमाचल सीएम सुक्खू
48 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने मशोबरा में नए खंड विकास कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इसके अलावा भट्टाकुफर में लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले लोक निर्माण विभाग मंडल कार्यालय, बलदेयां में 3.64 करोड़ रुपये की लागत वाले उपमंडल कार्यालय, 12 करोड़ रुपये के नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) भवन तथा करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली संपर्क सड़क का शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
'पिछली सरकार ने सस्ती दरों पर दी थी जमीन'
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बद्दी क्षेत्र में लगभग पांच हजार बीघा सरकारी जमीन उद्योगपतियों को बेहद कम कीमत पर आवंटित की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के संसाधनों और जनता के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
आपदा में 23 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल की प्राकृतिक आपदा में राज्य में 23 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए थे। इसके बावजूद सरकार ने प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत और सहायता पहुंचाकर उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराई।

उन्होंने कहा कि सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में महत्वपूर्ण कानूनी सफलता हासिल की है। वहीं, जेएसडब्ल्यू के साथ समझौते में राज्य के हितों से कोई समझौता किए बिना 18 प्रतिशत मुफ्त बिजली की हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है। किशाऊ परियोजना से भी हिमाचल को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है।
गरीब परिवारों के लिए नई योजनाओं का ऐलान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वेक्षण के माध्यम से प्रदेश के 1.75 लाख अति निर्धन परिवारों की पहचान की गई है। इन परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए जल्द ही 'अपना परिवार सुखी परिवार योजना' शुरू की जाएगी। इसके अलावा करीब 10 लाख पात्र परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए नई योजना भी तैयार की जा रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की लगभग 80 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है, जिससे करीब 24 हजार नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 87 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है। साथ ही अस्पतालों में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है।

137 कचरा संग्रहण वाहनों को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण ठोस कचरा प्रबंधन योजना के पहले चरण के तहत 137 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन गांवों में घर-घर जाकर कचरा एकत्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि अगले चरण में 700 और वाहन इस योजना में शामिल किए जाएंगे, जिनका संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा।