उत्तराखंड में वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती के अवसर पर इस वर्ष राज्य की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, खेल, समाज सेवा, संस्कृति, पर्यावरण और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को 8 अगस्त को हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित संस्कृति विभाग के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मानित करेंगे।
इसी कार्यक्रम में राज्य की 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
2006 से दी जा रही है सम्मान
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2006 में वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर इस पुरस्कार की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और किशोरियों को सम्मानित करना और अन्य महिलाओं को प्रेरित करना है। समय के साथ यह पुरस्कार राज्य के सबसे प्रतिष्ठित महिला सम्मानों में शामिल हो गया है।
13 महिलाओं का हुआ चयन
इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए पूरे प्रदेश से 217 आवेदन प्राप्त हुए। सबसे अधिक 29 आवेदन नैनीताल से मिले। इसके बाद उत्तरकाशी से 24, देहरादून से 23 और हरिद्वार से 22 आवेदन प्राप्त हुए।। सभी आवेदनों के मूल्यांकन के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 13 महिलाओं का चयन किया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा सम्मान
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार के लिए भी प्रदेशभर से 220 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चयन किया गया है। सरकार का मानना है कि इस सम्मान से महिलाओं और बच्चों के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाली कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा।
कौन थीं वीरांगना तीलू रौतेली
तीलू रौतेली उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र की वीरांगना थीं। कम उम्र में उन्होंने अपने पिता और भाइयों की शहादत के बाद मोर्चा संभाला और दुश्मनों के खिलाफ कई युद्ध लड़े। उनके साहस और नेतृत्व के कारण उन्हें उत्तराखंड में शौर्य और नारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उनकी स्मृति में उत्तराखंड सरकार हर वर्ष उनकी जयंती पर तीलू रौतेली पुरस्कार प्रदान करती है, ताकि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मान मिले और बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।