MP NEWS : शिवराज सिंह चौहान का पांचवीं बार मुख्यमंत्री नही बन पाने का छलका दर्द!

shivraj-singh-chouhan-pain-fifth-term-cm-failure

MP NEWS : शिवराज सिंह चौहान का पांचवीं बार मुख्यमंत्री नही बन पाने का छलका दर्द!

mp news  शिवराज सिंह चौहान का पांचवीं बार मुख्यमंत्री नही बन पाने का छलका दर्द

Shivraj Singh Chouhan fifth term CM failure : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में एक आयोजन में अपनी भावुकता जताते हुए यह स्वीकार किया कि वे पांचवीं बार मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, यह उनके लिए एक बड़ी पीड़ा है। मध्य प्रदेश के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री बनकर नई जिम्मेदारियां संभाली हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद अधूरा रह जाने की वेदना उन्होंने खुलकर बयां की।

सीएम पद न मिलने का दर्द    

चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की लालसा उनके मन में गहरे से थी और इस पद को पाने का उनका लक्ष्य था, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियों ने उन्हें बार-बार ये अवसर नहीं दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि यह असफलता उनके लिए व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रही। भावुकता में उन्होंने अपने समर्थकों और जनता से भी अपील की कि वे उनके इस मनोबल को समझें और उन्हें नए मंच पर सफल बनाने की उम्मीद रखें। READ MORE :मोहन कैबिनेट की अहम बैठक… विभिन्न  प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

केंद्रीय कृषि मंत्री बनने के बाद नई चुनौतियां

मुख्यमंत्री पद नहीं मिलने का दर्द है, परंतु केंद्रीय कृषि मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित के लिए काम करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को समझते हुए वे इस मंत्रालय में अपनी पूरी शक्ति लगाएंगे। 2025-26 की खरीफ फसल के लिए उन्होंने प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे किसानों की आय सुधारे जाने की दिशा में कदम बढ़ेंगे।

राजनीतिक सफर और भावुकता की झलक

चौहान के इस निवास में कई महीनों से चल रहे राजनैतिक गतिरोध के बाद उनका यह बिन्दु कहना कि वे पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद नहीं पा सके, यह साफ करता है कि राजनैतिक उतार-चढ़ाव उनकी लगन और जुनून को कम नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में सफलता और असफलता दोनों का सामना करना पड़ता है, और वह हर चुनौती को अपनाने को तैयार हैं। उनके इस बयान से उनके व्यक्तित्व की गहराई और संघर्ष की झलक मिलती है।

जनता से अपील

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद न मिलने के बाद भी उनका समर्पण और कर्तव्य न टूटेगा। उन्होंने जनता से मिलजुल कर काम करने का आग्रह किया और कहा कि किसान और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में वह बेहतर परिणाम लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह राजनीति में सक्रिय रहेंगे और फिर अवसर मिलने पर जिम्मेदारियां संभालेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने अपने पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद न मिलने के दर्द को व्यक्त करते हुए साथ ही केंद्रीय मंत्री के रूप में नई ऊर्जा और संकल्प का परिचय दिया है। उनके इस बयान में संघर्ष, उम्मीद और नई शुरुआत की झलक मिलती है जो उनके समर्थकों के लिए उत्साहवर्धक है।​    

संबंधित सामग्री

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर मरीजों की जान बचाने में देश का सबसे सफलतम प्रयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा गंभीर मरीजों की जान बचाने में देश का सबसे सफलतम प्रयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट्स के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए हैं। यह प्रदेश की हवाई सेवाओं के विकास को बढ़ावा देगा।

अन्नदाता सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसानों के लिए सहायक आय की व्यवस्था करना हमारा लक्ष्य

राज्य

अन्नदाता सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन बोले- किसानों के लिए सहायक आय की व्यवस्था करना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में किसान कल्याण और विकास की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

ममता का आरोप - गाड़ी पर हुआ हमला, खिड़कियां खुली होतीं तो उनका सिर भी फट जाता

देश-विदेश

ममता का आरोप - गाड़ी पर हुआ हमला, खिड़कियां खुली होतीं तो उनका सिर भी फट जाता

ममता बनर्जी का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में उनकी गाड़ी पर पत्थर और मिट्टी फेंकी गई, जिससे उनकी खिड़कियों को नुकसान पहुंचा।

विश्व आदिवासी दिवस पर MP में दिखी संस्कृति की झलक, खजुराहो-धार में निकली भव्य रैलियां

राज्य

विश्व आदिवासी दिवस पर MP में दिखी संस्कृति की झलक, खजुराहो-धार में निकली भव्य रैलियां

मध्यप्रदेश में विश्व आदिवासी दिवस पर विभिन्न सांस्कृतिक रैलियां और कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा और आदिवासी संस्कृति की झलक मिली।

नशे में पिता ने 20 वर्षीय बेटे की ली जान; शराब के लिए पैसे नहीं देने पर लकड़ी से सिर पर किया वार

जुर्म गाथा

नशे में पिता ने 20 वर्षीय बेटे की ली जान; शराब के लिए पैसे नहीं देने पर लकड़ी से सिर पर किया वार

ओडिशा के कालाहांडी जिले में पिता पर अपने बेटे की हत्या का आरोप। पैसों के लिए विवाद के बाद पिता ने बेटे पर हमला किया।