'Aap Jaisa Koi' Film Review: 'आप जैसा कोई' OTT पर छाई, समाज की रूढ़िवादी सोच को दिखाया आईना!

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'Aap Jaisa Koi' Film Review: 'आप जैसा कोई' OTT पर छाई, समाज की रूढ़िवादी सोच को दिखाया आईना!

aap jaisa koi film review आप जैसा कोई ott पर छाई समाज की रूढ़िवादी सोच को दिखाया आईना

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जानिए फिल्म की क्या है कहानी?

फिल्म की कहानी श्रीरेणु त्रिपाठी (आर माधवन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक 41 वर्षीय संस्कृत के शिक्षक हैं। बेहद अनुशासित, शर्मीले और पारंपरिक माहौल में पले-बढ़े श्रीरेणु ने कभी किसी लड़की से दोस्ती तक नहीं की। उनका मानना है कि रिश्तों में पुरुष की ही चलती है और महिलाओं को हर काम के लिए पुरुषों की अनुमति लेनी चाहिए। सब कुछ बदल जाता है जब उनकी जिंदगी में प्रवेश होता है मधु बोस (फातिमा सना शेख) का—एक आत्मनिर्भर, खुले विचारों वाली फ्रेंच टीचर, जो कोलकाता से आती हैं। दोनों की मुलाकात एक रिश्ते के प्रस्ताव के माध्यम से होती है और जल्द ही प्यार पनपता है। लेकिन क्या दो अलग-अलग सोच के लोग एक-दूसरे को समझ पाएंगे? फिल्म इस सवाल को बहुत खूबसूरती से परदे पर उकेरती है।

फिल्म का सामाजिक संदेश...

‘आप जैसा कोई’ सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सोच पर सवाल उठाती है जो आज भी कई घरों में महिलाओं को निर्णय लेने की आजादी नहीं देते हैं। फिल्म पूछती है— 1. क्या पत्नी को नौकरी करने के लिए पति की इजाजत लेनी जरूरी है? 2. क्या बॉयफ्रेंड यह तय करेगा कि उसकी गर्लफ्रेंड किनसे मिल सकती है? 3. क्या औरत को अपनी पसंद की आजादी नहीं होनी चाहिए? इन प्रश्नों के माध्यम से फिल्म उन पुरुषों की 'इगो' पर करारा प्रहार करती है जो आज भी औरतों को अपनी प्रॉपर्टी समझते हैं।

परफॉर्मेंस: माधवन की मासूमियत और फातिमा की सशक्त उपस्थिति

आर माधवन

माधवन ने श्रीरेणु के किरदार को इतनी सहजता से निभाया है कि वह किरदार आपकी आंखों के सामने जीवंत हो उठता है। उनका भोला चेहरा, हल्का सा पेट, और इलाहाबादी लहजा किरदार में गहराई लाता है। वो रोमांटिक दृश्यों में भी पूरी तरह जमे हैं।

फातिमा सना शेख

फातिमा ने मधु बोस के रूप में एक स्वतंत्र, आत्मविश्वासी महिला का रोल निभाया है। उनकी उपस्थिति स्क्रीन पर सशक्त लगती है और उनकी केमिस्ट्री माधवन के साथ खूबसूरत दिखाई देती है। वो एक ऐसी महिला का चेहरा बनकर उभरती हैं जो अपने हक के लिए लड़ना जानती है।

सहायक कलाकारों की भूमिका...

1. आयशा रजा ने मां की भूमिका में कई महिलाओं की आवाज को परदे पर रखा है। 2. मनीष चौधरी और नमित दास ने अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी से निभाया है। 3. बाकी सपोर्टिंग कास्ट ने भी फिल्म को और मजबूत किया है।

राइटिंग और डायरेक्शन...

फिल्म की स्क्रिप्ट राधिका आनंद और जेहान हांडा ने लिखी है, और निर्देशन किया है विवेक सोनी ने। स्क्रिप्ट पूरी तरह संतुलित है, न कहीं खिंची हुई लगती है और न ही बोर करती है। डायरेक्टर ने छोटे-छोटे एक्सप्रेशंस और भावों पर खास ध्यान दिया है जो फिल्म को प्रभावशाली बनाते हैं। करण जौहर की सराहना लाजमी है... इस फिल्म के पीछे धर्मा प्रोडक्शन्स का हाथ है और करण जौहर जैसे निर्माता ने एक बार फिर से ये दिखा दिया कि वो केवल ग्लैमर ही नहीं, बल्कि गंभीर मुद्दों पर भी सार्थक सिनेमा बना सकते हैं। ‘आप जैसा कोई’ उनकी ऐसी ही सोच का बेहतरीन उदाहरण है।

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