केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अब वह पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर पाते हैं और जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंप दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए लोग आगे आए हैं और पुराने लोग उन्हें गाइड कर रहे हैं। नागपुर में आयोजित ‘एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग’ कार्यक्रम में गडकरी ने अपने पुराने राजनीतिक दिनों और मौजूदा जीवनशैली को लेकर भी बात की।
‘जब कर सकता था, तब किया’
गडकरी ने कहा कि वह अब ज्यादा काम नहीं कर पाते। जब काम करने की क्षमता थी, तब उन्होंने काफी काम किया। अब उनका काम में दखल भी कम हो गया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। नए लोग आए हैं और पुराने लोग उन्हें मार्गदर्शन दे रहे हैं। गडकरी ने युवाओं को आगे बढ़ने और जिम्मेदारी लेने की सलाह भी दी।
रोज ढाई घंटे करते हैं एक्सरसाइज
केंद्रीय मंत्री ने अपनी मौजूदा दिनचर्या का जिक्र करते हुए बताया कि वह रोज सुबह करीब ढाई घंटे एक्सरसाइज और प्राणायाम करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका ट्रेनर उनसे नियमित रूप से वर्कआउट करवाता है। गडकरी ने युवाओं को भी रोज कम से कम आधा घंटा व्यायाम और प्राणायाम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक गतिविधि जरूरी है।
लूना से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
गडकरी ने कार्यक्रम में अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दिनों का एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि उस समय उनका जीवन काफी अनियमित था और पार्टी के काम के लिए वह साइकिल और स्कूटर से निकल जाते थे। उन्होंने बताया कि उनके पास एक लूना स्कूटर था, जो चलते समय ‘कू-कू’ जैसी आवाज करता था। उस पर दो लोग बैठकर पार्टी के काम से जाया करते थे।
‘विजय स्कूटर पर चार लोग बैठते थे’
गडकरी ने बताया कि बाद में विजय स्कूटर आया, जिस पर वे चार-चार लोग बैठकर पार्टी के काम के लिए निकलते थे। पुलिस से बचने के लिए पीछे बैठे लोग नंबर प्लेट पर हाथ रख लिया करते थे। उन्होंने यह किस्सा अपने शुरुआती राजनीतिक दौर की परिस्थितियों और उस समय पार्टी के लिए किए जाने वाले कामों को याद करते हुए सुनाया।