बिहार के लखीसराय में सावन के तीसरे सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कम से कम 7 महिलाओं की मौत की सूचना है, जबकि 12 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने की बात सामने आई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
घटना अशोकधाम स्टेशन से मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिजली का खंभा गिरने और करंट फैलने की बात सामने आने के बाद भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।लखीसराय के SDPO शिवम कुमार ने बताया कि बिजली का पोल गिरने के बाद कुछ लोगों के करंट की चपेट में आने की जानकारी मिली है। इसके बाद भीड़ में अफरा-तफरी मची। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अचानक बढ़ी भीड़, टूट गई बैरिकेडिंग
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, वह दोपहर करीब साढ़े तीन बजे से मंदिर परिसर में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि शाम करीब साढ़े छह बजे अचानक भीड़ बढ़ गई। इसी दौरान खेत की तरफ लगी बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों और प्रशासन ने घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। कई घायलों को एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
श्रद्धालुओं ने बताया, करंट की बात फैलते ही मची भगदड़
मंदिर में दर्शन के लिए कतार में लगे एक श्रद्धालु ने बताया कि मौके पर पहले से काफी भीड़ थी। इसी बीच बिजली का पोल गिरने और करंट लगने की बात लोगों के बीच फैल गई। इसके बाद लोग जान बचाने के लिए भागने लगे।भागती भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु नीचे गिर गए। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अशोकधाम मंदिर हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए।
पांच महीने में बिहार के मंदिर में दूसरी बड़ी भगदड़
लखीसराय की घटना ने बिहार में मंदिरों में भीड़ प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब पांच महीने पहले नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में भी बड़ी भगदड़ हुई थी।31 मार्च को चैत्र के आखिरी मंगलवार के मौके पर मंदिर में 25 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। दर्शन को लेकर हुई धक्का-मुक्की के बाद भगदड़ मच गई थी। उस हादसे में 8 महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हुई थी।फिलहाल लखीसराय में प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है। हादसे की वजह और जिम्मेदारी को लेकर जांच के बाद तस्वीर और साफ होगी।