मानूसन सत्र से पहले संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। 3 घंटे चली मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, TMC, DMK सहित 40 दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि बैठक के बीच विपक्ष ने सांकेतिक वॉकआउट कर दिया।
20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया?
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी। उधर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि, मीटिंग में अच्छी चर्चा हुई। सबने अपनी बात रखी। सदन बिना रुकावट चले, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। पहले दिन सोमवार को अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे।
NCPI के 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला को हस्ताक्षरित आवेदन देकर नए दल के रूप में मान्यता और संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। यह मामला विचाराधीन है।
अलग बैठने की मंजूरी
ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले TMC के 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई। 15 जून को TMC के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से विलय कर लिया था। हालांकि विपक्ष का कहना है कि इस गुट को स्पीकर ने अभी तक मान्यता नहीं दी है। उधर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को मंजूरी दे दी। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हुए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे।