आसाराम फिर जेल: हाईकोर्ट के आदेश पर सरेंडर, लेकिन क्यों नहीं मिली राहत

asaram-surrender-jail-rajasthan-high-court-denied-bail-medical-report-truth

आसाराम फिर जेल: हाईकोर्ट के आदेश पर सरेंडर, लेकिन क्यों नहीं मिली राहत

आसाराम फिर जेल हाईकोर्ट के आदेश पर सरेंडर लेकिन क्यों नहीं मिली राहत

आसाराम फिर जेल! लेकिन क्यों नहीं मिली राहत? asaram surrender jail rajasthan high court denied bail medical report truth 

जोधपुर: एक समय जब लाखों लोग उन्हें ‘बापू’ कहकर पूजते थे, आज वही आसाराम जेल की सलाखों के पीछे हैं। शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करते वक्त उनके चेहरे पर शायद वही थकान थी, जो पिछले 12 सालों से उनके साथ चिपकी हुई है। राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश था 11 बजे तक सरेंडर करो और उन्होंने किया। लेकिन सवाल यह है कि आखिर क्यों? क्यों नहीं मिली उन्हें राहत? क्यों हर बार जमानत की उम्मीद धूल में मिल जाती है?

हाईकोर्ट ने क्यों नहीं बढ़ाई जमानत?

पिछले 7 महीने से आसाराम ‘अंतरिम जमानत’ पर थे। उपचार का बहाना, अस्पतालों के चक्कर, और कानूनी लड़ाई सब कुछ था। लेकिन 27 अगस्त को राजस्थान हाईकोर्ट ने साफ कह दिया बस, अब और नहीं। क्यों?

  • मेडिकल रिपोर्ट ने किया खुलासा: अहमदाबाद के सिविल अस्पताल की रिपोर्ट में लिखा था आसाराम की तबीयत स्थिर है, भर्ती होने की जरूरत नहीं। यानी, जो इलाज का बहाना था, वह भी कमजोर पड़ गया।
  • कोर्ट ने पूछा क्या है असलियत? आसाराम के वकील ने दावा किया कि उनकी सेहत बिगड़ रही है, लेकिन कोर्ट ने पूछा अगर इतनी बुरी हालत है, तो एम्स जोधपुर में भर्ती क्यों नहीं हुए? जवाब नहीं मिला।
  • गुजरात हाईकोर्ट ने दी थी राहत, लेकिन राजस्थान ने नहीं मानी: गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें 3 सितंबर तक की जमानत दे रखी थी, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने साफ कहा यहां के मामले में कोई छूट नहीं।

क्या है आसाराम केस की असल कहानी?

साल 2013 की बात है। एक नाबालिग लड़की ने जोधपुर में आसाराम पर यौन शोषण का आरोप लगाया। पुलिस ने उन्हें छिंदवाड़ा आश्रम से गिरफ्तार किया। 2018 में जोधपुर की अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। लेकिन आसाराम ने हर संभव कोशिश की सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक, जमानत के लिए याचिकाएं, मेडिकल रिपोर्ट, और कानूनी चक्कर।

लोगों के मन में क्या है?

आसाराम के समर्थक कहते हैं उनके साथ अन्याय हो रहा है, वे बेजुबान हैं। लेकिन पीड़िता के परिवार और समाजसेवी पूछते हैं अगर वे निर्दोष हैं, तो क्यों नहीं सजा काट रहे? कुछ लोग कहते हैं “वे बूढ़े हो गए हैं, अब क्या फायदा जेल में रखने का?” कुछ का कहना है “अगर अपराध साबित हुआ है, तो सजा तो भुगतनी ही होगी।” कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं “कोर्ट का काम साक्ष्यों पर फैसला करना है, भावनाओं पर नहीं।”

अब क्या होगा?

आसाराम ने सरेंडर कर दिया है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें 3 सितंबर तक की जमानत दी है, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट का रुख सख्त है। अब देखना यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट में कोई नई याचिका दायर होगी? क्या मेडिकल रिपोर्ट फिर से मुद्दा बनेगी? क्या आसाराम को फिर से जमानत मिलेगी, या अब उन्हें सजा काटनी पड़ेगी?

Read More :- इंडिगो को बड़ी राहत: टर्किश बोइंग 777 की लीज अब फरवरी 2026 तक बढ़ी Watch Now :- भोपाल में 92 करोड़ का ड्रग्स जब्त - क्या जिम्मेदार वही !

संबंधित सामग्री

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

राज्य

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

मध्यप्रदेश में स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन जल्द होने वाला है, जिससे 1500 गांवों की लगभग ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

देश-विदेश

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

कोटा में ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए महिलाओं की गोपनीयता में दखल देने का मामला सामने आया है, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

राज्य

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया।

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

राज्य

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 2014 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी FIR को निरस्त कर उन्हें बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है।

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

देश-विदेश

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के वितरण पर लगाई गई रोक हटा दी है, जिससे वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिलेगी।