अगर आपको भी लगता है कि घर का खाना स्वाद में होटल जैसा नहीं बन पाता, तो इसकी सबसे बड़ी वजह मसालों की गुणवत्ता हो सकती है। अक्सर बाजार में मिलने वाले पैकेट वाले मसालों का इस्तेमाल तो हर कोई करता है, लेकिन समय के साथ उनकी खुशबू और स्वाद कम हो जाता है। वहीं, घर पर ताजे साबुत मसालों को भूनकर तैयार किया गया गरम मसाला खाने में ऐसा स्वाद और सुगंध भर देता है कि साधारण दाल, सब्जी, पनीर या चिकन भी खास बन जाता है।
दादी-नानी के समय से चली आ रही यह खास गरम मसाला रेसिपी करीब 21 साबुत मसालों से तैयार होती है। इसे खाना पकाते समय नहीं, बल्कि डिश पूरी तरह तैयार होने के बाद ऊपर से सिर्फ एक चुटकी डालना होता है। यही वजह है कि इसे फिनिशिंग मसाला भी कहा जाता है। इसकी हल्की-सी मात्रा ही पूरे खाने की खुशबू, रंग और स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है।
गरम मसाला बनाने के लिए सामग्री
50 ग्राम साबुत धनिया
25 ग्राम जीरा
20 ग्राम सौंफ
15 ग्राम काली मिर्च
10 ग्राम बड़ी इलायची
10 ग्राम हरी इलायची
8–10 लौंग
2 इंच दालचीनी
2 तेजपत्ता
1 जावित्री
1 जायफल
1 चम्मच शाही जीरा
1 चम्मच चक्र फूल (स्टार ऐनिस)
1 चम्मच कबाब चीनी
1 चम्मच नागकेसर
1 चम्मच सफेद मिर्च
1 चम्मच काला जीरा
1 चम्मच सोंठ (सूखी अदरक)
½ चम्मच हींग
1 चम्मच कसूरी मेथी (वैकल्पिक)
1 चम्मच सूखी गुलाब की पंखुड़ियां (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
सबसे पहले सभी साबुत मसालों को अच्छी तरह साफ कर लें ताकि उनमें मौजूद धूल या कंकड़ निकल जाएं। इसके बाद एक भारी तले की कड़ाही को धीमी आंच पर गर्म करें और सभी मसालों को एक-एक करके बिना तेल के हल्का भून लें। ध्यान रखें कि मसाले सिर्फ खुशबू आने तक भूनें, उन्हें जलने न दें।
भूनने के बाद मसालों को पूरी तरह ठंडा होने दें। फिर इन्हें मिक्सर या स्पाइस ग्राइंडर में डालकर बारीक पीस लें। यदि चाहें तो महीन पाउडर के लिए छलनी से छान भी सकते हैं। तैयार गरम मसाले को कांच के एयरटाइट जार में भरकर ठंडी और सूखी जगह पर रखें। इससे इसकी खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है।
कैसे करें इस्तेमाल?
यह एक फिनिशिंग मसाला है। यानी जब दाल, सब्जी, पनीर, चिकन या कोई भी ग्रेवी पूरी तरह तैयार हो जाए, तब गैस बंद करने से ठीक पहले या सर्व करते समय इसकी सिर्फ एक चुटकी ऊपर से डालें। इससे खाने की खुशबू, स्वाद और रंग में जबरदस्त निखार आता है और घर का बना खाना भी होटल जैसा स्वाद देने लगता है।
घर का ताजा गरम मसाला क्यों है बेहतर?
ताजे पिसे हुए मसालों में प्राकृतिक तेल (Natural Oils) और सुगंध बरकरार रहती है, जो पकवान का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है। वहीं, लंबे समय तक पैक रहने वाले मसालों की खुशबू धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि हर बार आपके घर का खाना लाजवाब बने, तो दादी मां की इस पारंपरिक गरम मसाला रेसिपी को जरूर अपनाएं।