मुंबई। बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी भाषा को लेकर दिए अपने बयान के बाद विवादों में घिर गए थे। अब उन्होंने महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक को फोन कर अपने बयान पर सफाई दी और माफी मांगी है। संजय दत्त ने फोन पर बातचीत की शुरुआत मराठी में ‘प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र’ कहकर की। उन्होंने कहा कि दही हांडी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। अगर उनकी बात से किसी की भावना आहत हुई है या कोई गलत संदेश गया है, तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।
बोले- महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया
संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि उनका परिवार मुंबईकर है और वह इसी मिट्टी में पले-बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने उन्हें जिंदगी में बहुत कुछ दिया है। एक्टर ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में कही गई उनकी बात का मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। संजय दत्त ने फोन पर बातचीत के दौरान शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के मुश्किल दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे और वह हमेशा उनका सम्मान करते हैं।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, संजय दत्त रविवार को ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम का आयोजन शिवसेना के शिंदे गुट के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने किया था। कार्यक्रम के दौरान संजय दत्त हिंदी में बात कर रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह सभी लोगों को मराठी सिखा रहे हैं और अब संजय दत्त से भी मराठी में बात करवाएंगे। इसके बाद संजय दत्त ने मंच से कहा कि वह करीब 6 साल येरवडा जेल में रहे, लेकिन तब भी मराठी नहीं सीख पाए। उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई।
Sanjay Dutt has been living in Mumbai for more than 50 years, and he himself says that even after spending 6 years in Yerwada Jail, he still couldn’t learn Marathi.
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) September 6, 2026
And he openly admitted this in front of everyone, without any shame. So now, will MNS and Uddhav Thackeray’s party… pic.twitter.com/kLQ7AxZfBa
BJP विधायक ने साधा निशाना
संजय दत्त के बयान के बाद बीजेपी विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर हंसा जाता है, जबकि आम रिक्शा और टैक्सी चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने इसे लेकर मंत्री की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि भाषा को लेकर नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी ट्रोल हुए संजय दत्त
संजय दत्त के बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने उनके बयान को लेकर सवाल उठाए तो कुछ ने भाषा के नियमों को लेकर दोहरे मापदंड की बात कही। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि अगर महाराष्ट्र में काम करने वाले आम लोगों से मराठी बोलने की अपेक्षा की जाती है, तो बड़े कलाकारों के लिए भी यही नियम होना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों ने संजय दत्त के बयान को सिर्फ मजाक के तौर पर देखने की बात कही।
पहले भी विवादों में रहे हैं संजय दत्त के बयान
संजय दत्त का नाम इससे पहले भी कुछ बयानों और डायलॉग को लेकर विवादों में आ चुका है। 2009 में चुनावी सभा के दौरान TADA को लेकर दिए उनके बयान पर विवाद हुआ था। वहीं, 2016 में एक कार्यक्रम में सलमान खान को ‘एरोगेंट’ कहने के बाद दोनों की दोस्ती को लेकर अटकलें लगने लगी थीं, हालांकि बाद में संजय दत्त ने सफाई दी थी। 2026 में फिल्म ‘धुरंधर’ में उनके किरदार के एक डायलॉग को लेकर भी विवाद हुआ। बलोच समुदाय की आपत्ति के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किए जाने की बात सामने आई थी। फिलहाल मराठी भाषा वाले विवाद में संजय दत्त की माफी और सफाई के बाद मामला शांत होने की उम्मीद की जा रही है।