CM Yogi Gorakhpur: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में हैं। यहां उन्होंने सुरक्षा भवनों का उद्घाटन किया। इसे गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। दोनों भवनों को बनाने में 9 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत आई। स्टिल्ट प्लस 4 तल के दोनों भवन बनाए गए हैं। यहां अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय और कंट्रोल रूम होगा। इसके साथ ही पुलिस स्टोर रूम और मेंटीनेंस वर्कशॉप भी इसमें बनाया गया है।

खाली पर भरे
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब कोई थाने पर हमला नहीं कर सकता। थानों में अलग से बैरक हैं। हर वक्त वहां जवान रहते हैं। अब अगर कोई सुरक्षा में सेंध लगाएगा तो उसका काम तमाम कर दिया जाएगा। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो उस समय यूपी पुलिस में आधे से अधिक पद खाली थे। हमने 9 साल में 2 लाख 19 हजार से ज्यादा भर्ती की है।
समय पर भर्ती, समय पर प्रशिक्षण और समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बना। इसी बेहतर सुरक्षा वातावरण ने प्रदेश में ‘सुशासन’ का सशक्त मॉडल स्थापित किया है।
शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी की पावन तपोस्थली गोरखपुर में आज… pic.twitter.com/NiryZQNTUb
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 16, 2026
पुलिस कर्मियों को सुविधा
CM योगी ने कहा कि 100 पुलिस कर्मी और अधिकारी एक साथ इस भवन में रुक सकते हैं। यहां हर तरह की सुविधा मिलेगी। राज्य में 55 जिले ऐसे हैं, जहां सबसे ऊंची बिल्डिंग होगी। पहले शिकायत आती थी कि पुलिस वालों ने मकान कब्जा कर लिया है। सुशासन की पहली शर्त है सुरक्षा। इसके लिए राज्य सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। CM ने कहा पुलिसकर्मी ड्यूटी करते थे तो उस दौरान उसकी अवस्थापना सुविधाएं भी उस तरह की हों, इसका ध्यान नहीं दिया जाता था। इसका परिणाम होता था कि जवान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पाता था।
CM Yogi Gorakhpur: 200 गुना से ज्यादा सुविधाएं
पहले हालत खराब थी लेकिन अब 200 गुना से अधिक सुविधाएं हो गई हैं। पहले थाना, चौकी, पुलिस लाइन हो या PAC की वाहनी हो, कहीं भी पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधा नहीं होती थी। परिणाम होता था कि वह किराए पर रहता था या जैसे-तैसे अपना जीवन बिताया करता था। वहीं फायर टेंडर के लिए बिल्डिंग तेजी से बन रही है। जब अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ तो उनकी काम की गति भी बढ़ी। इसका परिणाम रहा कि सुरक्षा का बेहतर मॉडल बना।
