दिल्ली कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले म

सांसद बृजभूषण शरण यौन शोषण मामले मे बरी, कहा था - आरोप साबित हुआ तो फांसी पर लटक जाउंगा

सांसद बृजभूषण शरण यौन शोषण मामले मे बरी

दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया। एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने दोनों को बरी करने का आदेश दिया था। 2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामला जनवरी 2023 में सामने आया था।

बृजभूषण बाइज्जत बरी

सुनवाई के दौरान कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर कोर्ट में मौजूद रहे। फैसले के बाद बृजभूषण शरण ने कहा- जज ने ये कहा कि बृजभूषण शरण और विनोद तोमर आप लोगों को बाइज्जत बरी किया जाता है। मैंने कहा था कि अगर कोई आरोप साबित हो जाएगा तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। आज मेरे लिए खुशी का दिन है।

पहलवानों का धरना

यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया। तब विनेश फोगाट, साक्षी मलिक समेत कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया था। बृजभूषण शरण सिंह तब भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष थे। तब से लेकर अब तक कुल 1133 दिनों में 127 सुनवाई हुईं। बृजभूषण 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे। 10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए, जिसके बाद ट्रायल शुरू हुआ।

नाबालिग पहलवान ने ली शिकायत वापस

मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज की थी। 6 खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज कराई थी। एक नाबालिग पहलवान ने बाद में अपनी शिकायत वापस ले ली और बयान बदल लिया था। आरोप तय करने पर सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने मामले को ‘झूठा और प्रेरित’ कहा था।